शोंआन के नावपान घास कार्यशाला: "कचरे" से "कल्पवृक्ष" तक
(जन-दैनिक ऑनलाइन)13:57:53 2025-12-17
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| "नावपान घास कार्यशाला" के भीतर, ग्रामीण लोग नावपान घास से आसन और अन्य प्रकार के हस्तशिल्प बना रहे थे। |
हेबेई प्रांत में शोंआन नये जिले के बायांगदियन दलदली झील में, बड़ी मात्रा में प्राकृतिक नावपान घास को पहले "कचरे" के रूप में निपटाया जाता था। आज, यांगझुआनज़ी गाँव के ग्रामीणों की कुशलता से वही नावपान घास "कल्पवृक्ष" में बदल गई है।
एक साल से अधिक समय पहले, यांगझुआनज़ी गाँव में एक "नावपान घास कार्यशाला" स्थापित किया गया, जहाँ विशेषज्ञों को निःशुल्क प्रशिक्षण के लिए बुलाया गया। इसने गाँव और आसपास के क्षेत्रों के 3000 से अधिक ग्रामीणों की आय बढ़ाने और समृद्ध बनने में मदद की, जिससे प्रति व्यक्ति वार्षिक आय में 10,000 युआन से अधिक की वृद्धि हुई। नावपान घास से बुने गए बिल्ली के घर, पंखे, फूलदान जैसी दर्जनों उत्पादों को लाइव प्रसारण के माध्यम से पूरे देश में बेचा जा रहा हैं।
