शोंआन के नावपान घास कार्यशाला: "कचरे" से "कल्पवृक्ष" तक (2)

शोंआन के नावपान घास कार्यशाला:
"नावपान घास कार्यशाला" के भीतर, ग्रामीण लोग नावपान घास से आसन और अन्य प्रकार के हस्तशिल्प बना रही थी।