शोंआन के नावपान घास कार्यशाला: "कचरे" से "कल्पवृक्ष" तक (4)

शोंआन के नावपान घास कार्यशाला:
ग्रामीण लोग बनाए गए आसनों को सुव्यवस्थित ढंग से सजाकर रख रही थी।