शोंआन के नावपान घास कार्यशाला: "कचरे" से "कल्पवृक्ष" तक (5)

शोंआन के नावपान घास कार्यशाला:
ग्रामीण लोग नावपान घास से बुना हुआ तकिया प्रदर्शित कर रही थी।