चीन की 15वीं पंचवर्षीय योजना में 21 हजार किमी नए राजमार्ग, 15 हजार किलोमीटर नई रेलवे लाइनें, 15 नए नागरिक परिवहन हवाई अड्डे बनाने का लक्ष्य
चीन की राष्ट्रीय विकास एवं सुधार आयोग की ओर से 4 नवंबर को आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में बताया गया कि 15वीं पंचवर्षीय योजना (2026-2030) के दौरान चीन करीब 21 हजार किलोमीटर नए राजमार्गों का निर्माण करेगा। इसके पूरा होने के बाद देश की आधुनिक राजमार्ग परिवहन व्यवस्था लगभग पूरी हो जाएगी।
इसके अलावा, इस अवधि में करीब 15 हजार किलोमीटर नई रेलवे लाइनें बिछाई जाएंगी, जिनमें लगभग 10 हजार किलोमीटर हाई-स्पीड रेलवे शामिल होगी। इससे चीन की रेलवे व्यवस्था के आधुनिकीकरण का लक्ष्य भी काफी हद तक पूरा हो सकेगा।
इस बारे में चीनी राष्ट्रीय विकास एवं सुधार आयोग के अवसंरचना विकास विभाग के महानिदेशक श्या शिन ने बताया कि चीन 400 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हाई-स्पीड ट्रेन के निर्माण और संचालन से जुड़ी तकनीक तथा मानकों की पूरी व्यवस्था विकसित करने पर तेजी से काम करेगा। साथ ही, इसके व्यावसायिक संचालन को भी चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सामान्य रेलवे नेटवर्क को भी मजबूत किया जाएगा और व्यस्त रेलवे मार्गों की क्षमता बढ़ाने के साथ उनमें सुधार किया जाएगा। इसके अलावा, माल ढुलाई के लिए अलग रेलवे नेटवर्क विकसित किया जाएगा और राष्ट्रीय रेलवे लॉजिस्टिक्स केंद्रों की व्यवस्था को बेहतर बनाया जाएगा। कंटेनर ट्रेनों का दायरा बढ़ाने के साथ 200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली रेलवे लाइनों पर जरूरत के मुताबिक मालगाड़ियां चलाने की संभावनाओं पर भी सावधानीपूर्वक काम किया जाएगा। इस दौरान रेलवे की माल ढुलाई क्षमता में 22 करोड़ टन की अतिरिक्त बढ़ोतरी का लक्ष्य रखा गया है।
वहीं, 15वीं पंचवर्षीय योजना के दौरान चीन करीब 15 नए नागरिक परिवहन हवाई अड्डों का निर्माण भी करेगा। इसके साथ ही विमानन क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था, यात्री सेवाओं और बुनियादी ढांचे को अंतर्राष्ट्रीय स्तर के अनुरूप विकसित किया जाएगा। श्या शिन के मुताबिक, पेइचिंग, शांगहाई, क्वांगचो, शनचन, छंगतू और छोंगछिंग को केंद्र बनाकर विश्वस्तरीय हवाई अड्डा समूह तैयार किए जाएंगे। वहीं, उरुमछी, शीआन, खुनमिंग और हार्पिन जैसे शहरों में क्षेत्रीय जरूरतों के मुताबिक अंतर्राष्ट्रीय विमानन केंद्रों की भूमिका को और मजबूत किया जाएगा।
इसके अलावा, होहोत, श्यामन और ताल्येन में नए हवाई अड्डों का निर्माण पूरा किया जाएगा, जबकि क्वांगचो और नानथोंग में नए हवाई अड्डे बनाए जाएंगे। सान्या समेत अन्य शहरों में प्रस्तावित हवाई अड्डों की शुरुआती तैयारियों को भी आगे बढ़ाया जाएगा। साथ ही, कई प्रमुख हवाई अड्डों का विस्तार और आधुनिकीकरण किया जाएगा तथा सीमावर्ती क्षेत्रों में भी नए हवाई अड्डों का निर्माण होगा।