ब्रिटेन की साइबर सुरक्षा रिपोर्ट पर चीन ने जताई चिंता, आरोपों को बताया निराधार
4 नवंबर को चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने पेइचिंग में नियमित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया। इस दौरान उनसे ब्रिटेन की वार्षिक साइबर सुरक्षा रिपोर्ट में चीनी AI का उल्लेख किए जाने को लेकर सवाल पूछा गया। इसके जवाब में माओ निंग ने कहा कि चीन ने संबंधित रिपोर्ट पर ध्यान दिया है। उन्होंने बिना ठोस सबूत के चीन को बदनाम करने के लिए अटकलों और आरोपों का सहारा लेने पर गंभीर चिंता जताई।
माओ निंग ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े साइबर सुरक्षा जोखिम पूरी दुनिया के लिए एक साझा चुनौती हैं। इनसे निपटने के लिए सभी देशों को मिलकर काम करना चाहिए और संयुक्त राष्ट्र के ढांचे के तहत नए अंतर्राष्ट्रीय नियम बनाने चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि ब्रिटेन लंबे समय से साइबर सुरक्षा के मुद्दों का राजनीतिकरण करता रहा है। अब वह चीन के AI विकास को रोकने की कोशिशों को सही ठहराने के लिए एक बार फिर 'हैकिंग हमलों' के पुराने आरोपों का सहारा ले रहा है।
उनके मुताबिक, इस तरह का रवैया चीन और ब्रिटेन के बीच आपसी विश्वास बढ़ाने में मदद नहीं करेगा। इसके उलट, इससे वैश्विक AI सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सहयोग करने में ब्रिटेन की विश्वसनीयता भी प्रभावित हो सकती है।
माओ निंग ने आगे कहा कि AI के विकास को लेकर चीन का रुख हमेशा स्पष्ट रहा है। चीन सकारात्मक विकास, खुलेपन और समावेशिता के सिद्धांतों का समर्थन करता है। साथ ही, AI के विकास और सुरक्षा के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है, ताकि यह तकनीक सुरक्षित, भरोसेमंद और नियंत्रण में रहने योग्य हो।