आईओमेड की स्थापना के एक साल में अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से व्यापक समर्थन और सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली:चीनी विदेश मंत्रालय

(CRI)09:40:02 2026-10-21

20 अक्टूबर को चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने एक नियमित प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की।

अंतर्राष्ट्रीय मध्यस्थता संगठन (आईओमेड) की स्थापना की पहली वर्षगांठ की चर्चा में माओ निंग ने कहा कि एक वर्ष पहले अपनी स्थापना के बाद से, आईओमेड को अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से व्यापक समर्थन और सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है, और संस्थापक सदस्य देशों की संख्या बढ़कर 48 हो गई है। इसने अंतर्राष्ट्रीय वाणिज्यिक विवादों में सफलतापूर्वक मध्यस्थता की है और विवाद करने वाले पक्षों द्वारा इसे उच्च मान्यता प्राप्त है।

अमेरिका सरकार द्वारा अपनी एजेंसियों को चीनी कंपनियों के डीपसीक जैसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों का उपयोग बंद करने के लिए कहने की खबरों के जवाब में, माओ निंग ने कहा कि चीन ने हमेशा राष्ट्रीय सुरक्षा की अवधारणा के सामान्यीकरण और विज्ञान और प्रौद्योगिकी व्यापार मुद्दों के राजनीतिकरण का विरोध किया है, और हम चीनी कंपनियों के वैध अधिकारों और हितों की दृढ़ता से रक्षा करेंगे।

चीन-यूरोप व्यापारिक और आर्थिक मुद्दों की चर्चा में माओ निंग ने कहा कि चीन-यूरोप संबंध सामान्यतः स्वस्थ और स्थिर हैं। दोनों पक्षों के बीच सहयोग बढ़ने के साथ-साथ व्यापार और आर्थिक मुद्दों पर मतभेद पैदा हुए हैं, जिन्हें संवाद के माध्यम से सुलझाया जा सकता है। इनका चीन-यूरोप संबंधों की समग्र स्थिति पर कोई प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए।

इस वर्ष चीनी श्रमिक एवं किसान लाल सेना के लॉन्ग मार्च की विजय की 90वीं वर्षगांठ है। हाल ही में, रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया ज़खारोवा ने चीन की विकास उपलब्धियों की प्रशंसा करते हुए, मानव जाति के साझा भविष्य वाले समुदाय के निर्माण को बढ़ावा देने के चीन के प्रयासों और“बेल्ट एंड रोड” पहल को "एक नए महान लॉन्ग मार्च" के समान बताया।

इसकी चर्चा में माओ निंग ने कहा कि हमने सुश्री ज़खारोवा की सकारात्मक टिप्पणियों पर ध्यान दिया है। लॉन्ग मार्च की भावना ने चीनी जनता को कठिनाइयों पर काबू पाने और उल्लेखनीय विकास उपलब्धियां हासिल करने के लिए प्रेरित और प्रोत्साहित किया है। चीनी राष्ट्र के महान पुनरुत्थान की दिशा में नए लांन्ग मार्च पर, चीन स्वतंत्र और शांतिपूर्ण विदेश नीति का पालन करेगा, रूस सहित विश्व के सभी देशों के साथ एकजुट होकर सहयोग करेगा। ताकि शांति और विकास को संयुक्त रूप से बढ़ावा दिया जा सके और मानव जाति के साझा भविष्य वाले समुदाय के निर्माण के लिए मिलकर काम किया जा सके।