वैश्विक स्वास्थ्य प्रणाली की मजबूती में चीन के अनुभव की अहम भूमिका
विश्व स्वास्थ्य शिखर सम्मेलन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी कार्स्टेन शिकर ने 2026 के विश्व स्वास्थ्य शिखर सम्मेलन के दौरान पत्रकारों को दिए साक्षात्कार में कहा कि वैश्विक स्वास्थ्य व्यवस्था इस समय कई तरह के संकटों का सामना कर रही है। ऐसे में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं, डिजिटल स्वास्थ्य, बड़े पैमाने पर स्वास्थ्य व्यवस्था के विकास और अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य सहयोग के क्षेत्र में चीन के अनुभव वैश्विक स्वास्थ्य व्यवस्था को अधिक मजबूत और संकटों से निपटने में सक्षम बनाने के लिए उपयोगी सीख दे सकते हैं।
विश्व स्वास्थ्य शिखर सम्मेलन का आयोजन 2009 से हर साल जर्मनी की राजधानी बर्लिन में किया जाता है। इसका उद्देश्य वैज्ञानिक अनुसंधान, राजनीति और उद्योग सहित विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों के बीच संवाद को बढ़ावा देना तथा साझेदारी और अंतरराष्ट्रीय सहयोग मजबूत करके वैश्विक स्वास्थ्य व्यवस्था और सेवाओं में सुधार करना है।
शिकर ने कहा,“संघर्ष और युद्ध, भू-राजनीतिक तनाव, जलवायु परिवर्तन तथा सामाजिक विभाजन जैसे कई संकट एक साथ सामने आ रहे हैं, जिससे वैश्विक स्वास्थ्य व्यवस्था की कड़ी परीक्षा हो रही है।” इसके साथ ही, वैश्विक स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए उपलब्ध वित्तपोषण भी लगातार घट रहा है।
शिकर के अनुसार, स्वास्थ्य क्षेत्र में चीन के अनुभव इन संकटों से निपटने के लिए उपयोगी सीख देते हैं। उन्होंने कहा, “हाल के वर्षों में चीन ने उल्लेखनीय प्रगति की है।” चीन प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को बहुत महत्व देता है और स्वास्थ्य को एक रणनीतिक निवेश के रूप में देखता है। इसके अलावा, डिजिटल तकनीक और कृत्रिम AI के उपयोग में भी चीन अग्रणी है। ये तकनीकें न केवल अधिक उन्नत चिकित्सा समाधान उपलब्ध कराने में मदद करती हैं, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच भी बढ़ा सकती हैं।
शिकर ने आगे कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में चीन की भागीदारी और निवेश लगातार बढ़ रहे हैं तथा वह दक्षिण-दक्षिण सहयोग में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। चीन की चिकित्सा टीमें अफ्रीका और लैटिन अमेरिका जैसे क्षेत्रों में काम कर रही हैं। वे स्थानीय लोगों को चिकित्सा सेवाएं देने के साथ-साथ स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षित करने में भी मदद करती हैं। अतीत में अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य निवेश का जोर अक्सर दवाओं, जांच उपकरणों और अस्पतालों के निर्माण पर रहा, जबकि स्वास्थ्यकर्मियों के प्रशिक्षण को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया। उन्होंने कहा, “इस क्षेत्र में चीन जो काम कर रहा है, वह बहुत मूल्यवान है। यह ऐसा काम है, जिसमें लंबे समय तक निवेश किए जाने की जरूरत है।”