जापानी नेताओं द्वारा यासुकुनी मंदिर के दर्शन करने पर चीन ने जताया कड़ा ऐतराज

19 अक्टूबर को चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने एक नियमित प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की।
जापानी राजनीतिक हस्तियों द्वारा यासुकुनी मंदिर के दर्शन के मुद्दे पर माओ निंग ने कहा कि चीन जापान की नकारात्मक कार्रवाइयों का कड़ा विरोध करता है और उनकी कड़ी निंदा करता है तथा जापान के समक्ष गंभीर आपत्ति और कड़ा विरोध दर्ज करा चुका है। यासुकुनी मंदिर जापानी सैन्यवाद के आक्रामक युद्धों का एक आध्यात्मिक उपकरण और प्रतीक है, और इसमें 14 श्रेणी ए के युद्ध अपराधियों को प्रतिष्ठित किया गया है जो आक्रामक युद्धों के लिए गंभीर रूप से जिम्मेदार हैं। हम एक बार फिर दृढ़तापूर्वक मांग करते हैं कि जापान अपने इतिहास का सामना करे, अपने अपराधों पर विचार करे, ऐतिहासिक मुद्दों पर अपने प्रतिगामी कार्यों को रोके और अपने एशियाई पड़ोसियों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय का विश्वास जीतने के लिए ठोस कदम उठाए।
फिलीपींस में चीन से संबंधित मुद्दों को दुर्भावनापूर्ण तरीके से बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने के मुद्दे पर माओ निंग ने जवाब दिया कि चीन-फिलीपींस संबंधों को सुधारना और विकसित करना दोनों देशों के साझा हित में है। साथ ही, हम फिलीपींस के कुछ व्यक्तियों द्वारा चीन से संबंधित मुद्दों को दुर्भावनापूर्ण ढंग से बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने और चीन-फिलीपींस संबंधों को कमजोर करने के प्रयासों का कड़ा विरोध करते हैं। फिलीपींस को कुछ राजनेताओं के गैर-जिम्मेदार शब्दों और कार्यों पर गंभीरता से रोक लगानी चाहिए।
उनके अलावा माओ निंग ने इस बात की जानकारी भी दी कि टोगो की मंत्रिपरिषद के अध्यक्ष फ़ॉरे एसोज़िमना ग्नासिंगबे के साथ अपनी मुलाकात के दौरान, चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने अफ्रीकी तनावग्रस्त क्षेत्रों के समाधान में सभी पक्षों की रचनात्मक भागीदारी के लिए चार सिद्धांत प्रस्तुत किए। ये सिद्धांत अफ्रीकी तनावग्रस्त क्षेत्रों, जिनमें हॉर्न ऑफ अफ्रीका की वर्तमान स्थिति भी शामिल है, से निपटने के लिए महत्वपूर्ण व्यावहारिक मार्गदर्शक हैं।