चीन के सीमा-पार भुगतान नेटवर्क का तेजी से विस्तार
हाल के आंकड़ों के अनुसार, इस साल अगस्त के अंत तक चीन की सीमा-पार अंतर-बैंक भुगतान प्रणाली (CIPS) के भागीदारों की संख्या 1,853 तक पहुंच गई। इनमें 211 प्रत्यक्ष और 1,642 अप्रत्यक्ष भागीदार शामिल हैं। 192 देशों और क्षेत्रों के करीब 5,300 कॉर्पोरेट बैंकिंग संस्थान CIPS के माध्यम से सीमा-पार भुगतान सेवाओं का उपयोग कर रहे हैं। इन आंकड़ों में वृद्धि के पीछे चीन की आधुनिक सीमा-पार भुगतान प्रणाली के तेजी से हो रहे निर्माण की अहम भूमिका है।
हाल के वर्षों में वैश्विक सीमा-पार भुगतान प्रणाली तेजी से विकसित हुई है। 2025 में वैश्विक सीमा-पार भुगतान का कुल मूल्य 208 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 6.9 प्रतिशत अधिक है। कुल मात्रा में वृद्धि के साथ ही वैश्विक सीमा-पार भुगतान प्रणाली में विभाजन और पुनर्गठन की प्रवृत्ति भी स्पष्ट हुई है। दुनिया की प्रमुख भुगतान प्रणालियां लगातार उन्नत हो रही हैं, नई सीमा-पार भुगतान व्यवस्थाएं विकसित की जा रही हैं और क्षेत्रीय स्तर पर स्थानीय मुद्राओं में भुगतान का दायरा लगातार बढ़ रहा है।
चाइना यूनियनपे के अध्यक्ष तुंग चुनफेंग ने कहा कि दुनिया भर में 85 प्रतिशत से अधिक केंद्रीय बैंक स्थानीय मुद्राओं में सीमा-पार भुगतान और स्वतंत्र निपटान व्यवस्था को बढ़ावा दे रहे हैं। इससे विभिन्न देशों की भुगतान प्रणालियों के बीच संपर्क अधिक कुशल होने और क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत समर्थन मिलने की उम्मीद है। तुंग चुनफेंग ने कहा, “दक्षिण-दक्षिण सहयोग के लगातार गहराने के साथ चीन कई देशों और क्षेत्रों का एक महत्वपूर्ण व्यापारिक साझेदार बन गया है। चीनी कंपनियां वैश्विक औद्योगिक और आपूर्ति श्रृंखलाओं में तेजी से शामिल हो रही हैं। सीमा-पार व्यापार एवं यात्रा, विदेश में पढ़ाई और रोजगार के लिए आवाजाही भी लगातार बढ़ रही है। इससे चीनी युआन (रनमिनबपी) के अंतरराष्ट्रीय उपयोग और सीमा-पार भुगतान प्रणाली के निर्माण को बढ़ावा देने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनी हैं।”
भुगतान नेटवर्क का विस्तार जितना जरूरी है, उतना ही महत्वपूर्ण सुरक्षा और नियामकीय अनुपालन की सीमाओं का सख्ती से पालन करना भी है। नेट्सयूनियन क्लियरिंग कॉरपोरेशन (NUCC) के अध्यक्ष छ्वेई वेई का मानना है कि नई तकनीक तेजी से आगे बढ़ रही है, नए कारोबारी मॉडल विकसित हो रहे हैं, भुगतान के तरीके बदल रहे हैं और भुगतान की प्रणालियां विकसित हो रही हैं। लेकिन विकास और सुरक्षा को समान महत्व देने का सिद्धांत नहीं बदलना चाहिए। लू लेई ने कहा कि सीमा-पार कारोबार करते समय विभिन्न बाजार संस्थानों को नियामकीय अनुपालन के प्रति प्रतिबद्ध रहना चाहिए और जोखिमों की निगरानी मजबूत करनी चाहिए। सुरक्षा और नियमों के पालन को सुनिश्चित करते हुए सीमा-पार भुगतान सेवाओं में नए प्रयोगों को सक्रिय रूप से बढ़ावा देना चाहिए। अंतरराष्ट्रीय सहयोग के दौरान विदेशों में विस्तार करने वाली संस्थाओं को सामूहिक प्रयास मजबूत करने चाहिए और “अंदरूनी गलाकाट प्रतिस्पर्धा” से बचना चाहिए, ताकि निष्पक्ष, तर्कसंगत और व्यवस्थित प्रतिस्पर्धा वाला सीमा-पार क्यूआर कोड भुगतान पारिस्थितिकी तंत्र मिलकर बनाया जा सके।