चीन में हरित विकास की गति लगातार तेज: ह्वांग रुनछ्यू
रविवार को आयोजित चीन पर्यावरण एवं विकास अंतर्राष्ट्रीय सहयोग परिषद (CCICED) के 2026 वार्षिक सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में चीनी पारिस्थितिकी एवं पर्यावरण मंत्री तथा परिषद के चीनी कार्यकारी उपाध्यक्ष ह्वांग रुनछ्यू ने कहा कि चीन ने हरित बदलाव की गति तेज कर दी है और हरित विकास की गति लगातार मजबूत हो रही है।
ह्वांग रुनछ्यू ने कहा कि इस वर्ष चीन-नेपाल सीमा के नेपाली हिस्से में हुई ग्लेशियर ढहने की घटना ने एक बार फिर चेतावनी दी है कि जलवायु परिवर्तन अब दूर का खतरा नहीं, बल्कि हमारे सामने मौजूद एक वास्तविक चुनौती है। वहीं, नई तकनीकी क्रांति और औद्योगिक बदलाव में तेजी के साथ डिजिटल और हरित तकनीकों का गहरा एकीकरण वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए नए अवसर भी पैदा कर रहा है। ऐसे में अंतर्राष्ट्रीय समुदाय में एकजुटता और हरित विकास को बढ़ावा देने की मांग और अधिक मजबूत हो रही है।
उन्होंने कहा कि चीन पारिस्थितिकी को प्राथमिकता देने और हरित विकास का मार्ग अपनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके तहत कार्बन उत्सर्जन में कमी, प्रदूषण नियंत्रण, हरित विस्तार और आर्थिक विकास को समन्वित रूप से आगे बढ़ाया जा रहा है। चीन हमेशा वैश्विक हरित विकास को बढ़ावा देने वाला एक दृढ़ कार्यकर्ता और महत्वपूर्ण योगदानकर्ता रहा है।
आंकड़ों के अनुसार, चीन ने दुनिया की सबसे बड़ी स्वच्छ विद्युत और इस्पात उत्पादन प्रणालियों का निर्माण किया है। देश की कुल स्थापित बिजली क्षमता में नवीकरणीय ऊर्जा की हिस्सेदारी 60 प्रतिशत से अधिक है, जबकि हर 10 यूनिट बिजली में से करीब 4 यूनिट हरित बिजली है। वर्ष 2025 में नई ऊर्जा वाहनों का उत्पादन और बिक्री, दोनों 1 करोड़ 60 लाख से अधिक रहे। इस मामले में चीन लगातार 11 वर्षों से दुनिया में पहले स्थान पर है। वहीं, इस वर्ष की पहली छमाही में कोयले से बिजली उत्पादन की हिस्सेदारी पहली बार 50 प्रतिशत से नीचे आ गई।
इसके साथ ही, चीन ने प्रदूषण नियंत्रण के लिए सटीक, वैज्ञानिक और कानून आधारित उपायों को व्यापक रूप से लागू किया है। पारिस्थितिक संरक्षण और बहाली को मजबूत करने के साथ-साथ उच्च गुणवत्ता वाले पारिस्थितिक उत्पादों की आपूर्ति क्षमता भी बढ़ाई गई है। चीन बहुपक्षवाद का दृढ़ता से पालन करते हुए अंतर्राष्ट्रीय पर्यावरण और जलवायु सहयोग को भी लगातार गहरा कर रहा है।
ह्वांग रुनछ्यू ने यह भी कहा कि ‘15वीं पंचवर्षीय योजना’ (2026-2030) की अवधि ‘ब्यूटीफुल चाइना’ के निर्माण और पारिस्थितिकी में मूलभूत सुधार के लिए एक महत्वपूर्ण चरण है। उन्होंने कार्बन उत्सर्जन के चरम स्तर और कार्बन तटस्थता को मार्गदर्शक मानते हुए औद्योगिक ढांचे में बदलाव, प्रदूषण नियंत्रण, पारिस्थितिक संरक्षण और जलवायु परिवर्तन से निपटने के प्रयासों को समन्वित रूप से आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
गौरतलब है कि CCICED की स्थापना वर्ष 1992 में हुई थी। यह पर्यावरण और विकास के क्षेत्र में एक उच्च स्तरीय नीति परामर्श संस्था के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय आदान-प्रदान का एक महत्वपूर्ण मंच है। इस वर्ष के सम्मेलन का विषय ‘व्यावहारिक नवाचार सहयोग, हरित यात्रा में साथ’ है।