चीन की 500 प्रमुख निजी कंपनियों की सूची में उभरते और भविष्य के उद्योगों की बढ़ती हिस्सेदारी

नवीनतम आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, चीन की प्रमुख निजी कंपनियां औद्योगिक बदलाव के साथ गुणवत्ता और दक्षता बढ़ाने के साथ-साथ नवाचार को गति दे रही हैं तथा रणनीतिक रूप से उभरते और भविष्य के उद्योगों में सक्रिय निवेश कर रही हैं।

चीन की अखिल-चीन उद्योग एवं वाणिज्य महासंघ ने 22 सितंबर को थ्येनचिन में "2026 चीन की 500 प्रमुख निजी कंपनियों" की सूची और इससे संबंधित सर्वेक्षण एवं विश्लेषण रिपोर्ट जारी की।

रिपोर्ट के अनुसार, चीन की 500 प्रमुख निजी कंपनियां रणनीतिक रूप से उभरते उद्योगों और भविष्य के उद्योगों में सक्रिय रूप से निवेश कर रही हैं। सर्वेक्षण में जानकारी देने वाली 311 कंपनियों ने रणनीतिक रूप से उभरते उद्योगों से जुड़ी 679 परियोजनाओं में निवेश किया है, जबकि जानकारी देने वाली 82 कंपनियों ने भविष्य के उद्योगों से जुड़ी 112 परियोजनाओं में निवेश किया है।

इस साल चीन की अखिल-चीन उद्योग एवं वाणिज्य महासंघ ने बड़े पैमाने की निजी कंपनियों का 28वां सर्वेक्षण किया। इसमें वर्ष 2025 में 1 अरब युआन से अधिक का वार्षिक कारोबार करने वाली 6,350 कंपनियों ने भाग लिया। इनमें कारोबार के लिहाज से शीर्ष 500 कंपनियों को “2026 चीन की 500 प्रमुख निजी कंपनियों” की सूची में शामिल किया गया।

सर्वेक्षण के परिणामों के अनुसार, वर्ष 2025 में चीन की 500 प्रमुख निजी कंपनियों की नवाचार क्षमता, कारोबारी दक्षता और मुख्य प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता में लगातार सुधार हुआ। कुल मिलाकर इन कंपनियों का विकास अधिक नए और बेहतर क्षेत्रों की ओर बढ़ता हुआ दिखाई दिया।

सर्वेक्षण में जानकारी देने वाली चीन की 500 प्रमुख निजी कंपनियों का कुल अनुसंधान एवं विकास खर्च 12.6 खरब युआन रहा और अनुसंधान एवं विकास कर्मियों की कुल संख्या 13.449 लाख रही। अनुसंधान एवं विकास पर औसत खर्च की तीव्रता 2.95 प्रतिशत रही। इन तीनों आंकड़ों में पिछले वर्ष की तुलना में वृद्धि दर्ज की गई।

चीन की 500 प्रमुख निजी कंपनियां अपने विकास को बढ़ावा देने के लिए डिजिटल एवं स्मार्ट तकनीकों तथा हरित तकनीकों का सक्रिय रूप से इस्तेमाल कर रही हैं। इनमें 60.60 प्रतिशत कंपनियों ने डिजिटल बदलाव और AI के इस्तेमाल से संबंधित रणनीतिक योजनाएं तैयार की हैं। वहीं, 83.40 प्रतिशत कंपनियों ने हरित एवं कम-कार्बन तकनीकों और उपकरणों को अपनाने, कार्बन उत्सर्जन की गणना तथा हरित एवं स्मार्ट बदलाव जैसे उपायों के माध्यम से हरित और कम-कार्बन बदलाव को आगे बढ़ाया है।