“श्येलोंग-2” की निगरानी में “थाला ध्रुवीय स्टेशन” का आर्कटिक महासागर में शीतकालीन अभियान शुरू

हाल ही में मिली जानकारी के अनुसार, गर्मियों में चल रहे वैज्ञानिक अभियान को पूरा करने के करीब पहुंच चुके चीन के 16वें आर्कटिक महासागर अभियान में शामिल “श्येलोंग-2” जहाज ने फ्रांस के “थाला ध्रुवीय स्टेशन” के लिए बर्फ तोड़ते हुए रास्ता बनाया और उसे लक्षित बर्फीले क्षेत्र तक पहुंचाया। इससे “थाला ध्रुवीय स्टेशन” का आर्कटिक महासागर में शीतकालीन वैज्ञानिक अभियान शुरू किया जा सका।

“थाला ध्रुवीय स्टेशन” फ्रांस के तारा महासागर फाउंडेशन द्वारा हाल ही में तैयार किया गया एक बहाव-आधारित ध्रुवीय वैज्ञानिक अनुसंधान एवं निगरानी स्टेशन है। यह अधिकांश समय समुद्री बर्फ में जमा रहेगा और आर्कटिक महासागर की बर्फ पर तैरती एक मोबाइल प्रयोगशाला के रूप में काम करेगा।

पहली बार आर्कटिक महासागर में शीतकालीन वैज्ञानिक अभियान के लिए ऐसे घने बर्फीले क्षेत्र से शुरुआत करनी होगी, जहां ध्रुवीय परिसंचरण धारा बहती है। हालांकि “थाला ध्रुवीय स्टेशन” में बर्फ के दबाव को सहने की मजबूत क्षमता है, लेकिन इसकी समुद्री यात्रा और बर्फ तोड़ने की क्षमता अपेक्षाकृत सीमित है। अक्टूबर 2025 में आयोजित आर्कटिक सर्कल सम्मेलन के दौरान चीन और फ्रांस दोनों पक्षों ने प्रारंभिक सहयोग पर सहमति जताई थी। इसके तहत चीनी वैज्ञानिक अनुसंधान आइसब्रेकर “थाला ध्रुवीय स्टेशन” को ध्रुवीय परिसंचरण धारा के ऊपरी प्रवाह वाले क्षेत्र तक पहुंचाने के लिए मार्गदर्शन करता। 2026 में चीन के प्राकृतिक संसाधन मंत्रालय की मंजूरी के बाद इस सहयोग को चीन के 16वें आर्कटिक महासागर वैज्ञानिक अभियान में शामिल किया गया।