कांसू-चच्यांग बिजली पारेषण परियोजना के कांसू खंड का निर्माण पूरा

14 सितंबर को ड्रोन से ली गई तस्वीर में कांसू प्रांत के पाईइन शहर के चिंगथाई और चिंगयुआन काउंटी की सीमा पर कांसू-चच्यांग बिजली पारेषण परियोजना के पीली नदी के बड़े पुल-पार खंड का निर्माण पूरा होने के बाद का दृश्य।(शिन्हुआ समाचार एचेंसी)
14 सितंबर को चीन के कांसू प्रांत के पाईइन शहर के चिंगथाई और चिंगयुआन काउंटी की सीमा पर 900 मिलीमीटर व्यास वाले अत्यधिक मजबूत स्टील-कोर उच्च-शक्ति वाले एल्युमिनियम मिश्रधातु के अंतिम तार को तय स्थान पर बिछाने का काम पूरा होने के साथ ही कांसू से चच्यांग ±800 किलोवोल्ट अति उच्च वोल्टेज डायरेक्ट करंट बिजली पारेषण परियोजना (संक्षेप में “कांसू-चच्यांग बिजली पारेषण परियोजना”) के पीली नदी के बड़े पुल-पार खंड में तार बिछाने का काम सफलतापूर्वक पूरा हो गया। इसके साथ ही परियोजना के कांसू खंड में पूरी लाइन का निर्माण पूरा हो गया है।
पीली नदी का यह बड़ा पुल-पार खंड पूरी कांसू-चच्यांग बिजली पारेषण परियोजना में पीली नदी को पार करने वाला एकमात्र हिस्सा है और पूरी परियोजना का एक महत्वपूर्ण नियंत्रण बिंदु भी है। इस खंड की लाइन की कुल लंबाई 2.731 किलोमीटर है और बिजली के तारों का पीली नदी के जलस्तर से सबसे कम अंतर 240 मीटर से अधिक है।
जानकारी के अनुसार, कांसू-चच्यांग बिजली पारेषण परियोजना चीन की राष्ट्रीय बिजली विकास योजना की प्रमुख परियोजनाओं में शामिल है। इसकी लाइन पश्चिम में कांसू के वूवेई कन्वर्टर स्टेशन से शुरू होकर पूर्व में चच्यांग के शाओशिंग कन्वर्टर स्टेशन तक जाती है। इसकी कुल लंबाई 2,370 किलोमीटर है और यह कांसू, निंगश्या, शान्शी, हनान, आनहुई और चच्यांग समेत छह प्रांतों व स्वायत्त क्षेत्रों से होकर गुजरती है। इस परियोजना के 2027 में पूरा होकर संचालन में आने की उम्मीद है। इसके बाद हर साल चच्यांग को 36 अरब किलोवाट-घंटे से अधिक बिजली की आपूर्ति की जा सकेगी, जिसमें 21.2 अरब किलोवाट-घंटे से अधिक बिजली नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से होगी। इससे चीन के पूर्वी और पश्चिमी क्षेत्रों के बीच ऊर्जा सहयोग और हरित एवं निम्न-कार्बन रूपांतरण को मजबूत समर्थन मिलेगा।