पनामा के सांसदों द्वारा थाईवान से संबंधित "आदान-प्रदान समूह" के गठन पर चीन ने दी प्रतिक्रिया

रिपोर्टों के अनुसार, हाल ही में पनामा के कुछ सांसदों ने तथाकथित "पनामा-थाईवान विधायी संस्था संसदीय आदान-प्रदान समूह" का गठन किया, जिसमें अमेरिकी सांसदों ने ऑनलाइन हिस्सा लिया। वहीं, पनामा के राष्ट्रपति जोस राउल मुलिनो ने सार्वजनिक रूप से कहा कि वह सांसदों के थाईवान के साथ संपर्क का समर्थन नहीं करते।
इस पर चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता क्वो च्याखुन ने 14 सितंबर को पेइचिंग में आयोजित नियमित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि चीन मुट्ठी भर राजनेताओं को स्थिति को सही तरीके से समझने की सलाह देता है। उन्होंने चेतावनी दी कि थाईवान मुद्दे पर सीमा लांघने वालों को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
उन्होंने कहा कि तथाकथित "समूह" का गठन पनामा द्वारा लगातार अपनाए जा रहे एक-चीन सिद्धांत का गंभीर उल्लंघन है। चीन ने पनामा सरकार के संबंधित बयान पर ध्यान दिया है और उम्मीद करता है कि पनामा एक-चीन सिद्धांत को व्यवहार में लागू करेगा तथा चीन-पनामा संबंधों की राजनीतिक नींव की रक्षा करेगा।
क्वो च्याखुन ने कहा कि दुनिया में केवल एक चीन है और थाईवान चीन की भूमि का अभिन्न हिस्सा है। चीन उन देशों द्वारा थाईवान अधिकारियों के साथ किसी भी तरह के आधिकारिक आदान-प्रदान और संपर्क का दृढ़ता से विरोध करता है, जिनका चीन के साथ राजनयिक संबंध हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी बाहरी शक्ति को चीन के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
चीनी प्रवक्ता ने अमेरिका से भी आग्रह किया कि वह एक-चीन सिद्धांत और चीन-अमेरिका के तीन संयुक्त विज्ञप्तियों का पालन करे। साथ ही, अमेरिका "थाईवान स्वतंत्रता" की अलगाववादी ताकतों को गलत संकेत देना बंद करे और चीन-पनामा संबंधों में हस्तक्षेप करना बंद करे।