चीन के राष्ट्रीय जलवायु केंद्र ने नेपाल को जलवायु निगरानी और पूर्वानुमान संबंधी उत्पाद उपलब्ध कराए

9 सितंबर को चीन के मौसम विज्ञान प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, चीन-नेपाल सीमा पर चीलोंग–रसुवा सीमा चौकी क्षेत्र में भीषण भूस्खलन और मलबे की बाढ़ की आपदा के बाद, चीनी राष्ट्रीय जलवायु केंद्र ने आपात प्रतिक्रिया शुरू की। केंद्र ने चीन की मौसम संबंधी बुद्धिमान पूर्व चेतावनी प्रणाली “मात्सू” के नेपाल के लिए क्लाउड-आधारित कस्टम संस्करण से संबंधित जलवायु उत्पादों को नेपाल की जरूरतों के अनुरूप उपलब्ध कराने के लिए सक्रिय रूप से समन्वय किया। इसके साथ ही, केंद्र प्रभावित और आसपास के क्षेत्रों की जलवायु विशेषताओं का विश्लेषण तथा विस्तारित अवधि के जलवायु पूर्वानुमान तैयार कर लगातार उपलब्ध करा रहा है, ताकि नेपाल के आपदा के बाद चल रहे बचाव एवं राहत कार्यों के लिए संदर्भ सामग्री उपलब्ध हो सके।

चीन मौसम विज्ञान प्रशासन की समग्र व्यवस्था के तहत, “मात्सू” के नेपाल के लिए क्लाउड-आधारित कस्टम संस्करण के आधार पर राष्ट्रीय जलवायु केंद्र नेपाल को जलवायु निगरानी और जलवायु पूर्वानुमान की दो प्रमुख श्रेणियों के उत्पाद लगातार उपलब्ध करा रहा है।

जलवायु निगरानी के क्षेत्र में राष्ट्रीय जलवायु केंद्र तापमान, वर्षा और मृदा सूखे सहित पांच प्रकार के दैनिक निगरानी उत्पाद तथा अल नीनो–दक्षिणी दोलन (ENSO) और उष्णकटिबंधीय वायुमंडलीय अंतः-मौसमी दोलन (MJO) सहित 10 प्रकार के जलवायु सूचकांक उत्पाद नियमित रूप से तैयार कर रहा है।

जलवायु पूर्वानुमान के क्षेत्र में चीनी राष्ट्रीय जलवायु केंद्र कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित जलवायु पूर्वानुमान मॉडल “फेंगशुन” के माध्यम से नेपाल को अगले 60 दिनों के लिए दैनिक तापमान और वर्षा के पूर्वानुमान संबंधी उत्पाद उपलब्ध करा रहा है। इसके अलावा, ENSO और MJO जैसी जलवायु घटनाओं के पूर्वानुमान संबंधी उत्पाद भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

इसके अलावा, चीनी राष्ट्रीय जलवायु केंद्र तीसरे ध्रुव क्षेत्रीय जलवायु केंद्र की भूमिका निभाते हुए नेपाल की जरूरतों के अनुरूप सक्रिय रूप से काम कर रहा है। 28 अगस्त से केंद्र नेपाल को अगले 15 से 30 दिनों के लिए विस्तारित अवधि के जलवायु रुझानों का लगातार पूर्वानुमान उपलब्ध करा रहा है, जिससे नेपाल के आपदा के बाद चल रहे बचाव एवं राहत कार्यों को मौसम संबंधी सहायता मिल रही है।