जापान को अपने एशियाई पड़ोसियों और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय का विश्वास हासिल करने के लिए सैन्यवाद को पूरी तरह से तोड़ने के ठोस कदम उठाने चाहिए: चीनी विदेश मंत्रालय

8 सितंबर को आयोजित चीनी विदेश मंत्रालय के नियमित संवाददाता सम्मेलन में चीनी प्रवक्ता ने द्वितीय विश्व युद्ध के इतिहास और युद्धोत्तर अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के सम्बंध में जापानी सरकार द्वारा हाल ही में दिए गए बयानों पर चीन के नज़रिए के बारे में सवाल का जवाब दिया।
चीनी प्रवक्ता ने कहा कि इतिहास की सही समझ और उसका सही विश्लेषण ही इस बात की कसौटी है कि क्या जापान शांतिपूर्ण विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को निभा सकता है। जापान ने संयुक्त राष्ट्र में इस शर्त पर प्रवेश किया था कि वह सैन्यवाद के अपराधों को स्वीकार करेगा और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सभी प्रावधानों को मानेगा। द्वितीय विश्व युद्ध में पराजित देशों को लक्षित करने वाली एक विशेष संस्थागत व्यवस्था के रूप में संयुक्त राष्ट्र चार्टर का "शत्रु राज्य खंड" आज भी प्रभावी है। इस वर्ष टोक्यो ट्रायल्स की शुरुआत की 80वीं वर्षगांठ है। जापान को इतिहास से सबक लेना चाहिए, सैन्यवाद से पूरी तरह सम्बंध तोड़ लेना चाहिए और अपने एशियाई पड़ोसियों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय का विश्वास हासिल करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।