थाईवान मुद्दे पर चीनी विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया
सम्बंधित रिपोर्ट एक बार फिर साबित करती हैं कि लाई छिंग-ते प्रशासन थाईवान के लोगों की मेहनत से कमाई गई धनराशि का उपयोग "डॉलर कूटनीति" में संलग्न होने का आदी है। चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता ने 7 सितंबर को आयोजित नियमित संवाददाता सम्मेलन में यह बात कही।
हाल ही में प्रकाशित सोलोमन स्टार की एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि थाईवान द्वारा पलाऊ को दी जाने वाली सहायता पिछले वर्ष के 1 करोड़ 80 लाख अमेरिकी डॉलर से बढ़कर इस वर्ष 2 करोड़ 50 लाख अमेरिकी डॉलर हो गई है, जिसका स्पष्ट उद्देश्य प्रशांत द्वीप समूह फोरम में राजनीतिक समर्थन हासिल करना है। इसके अतिरिक्त, थाईवान के अधिकारियों ने पलाऊ के अधिकारियों को लगभग 2 लाख 81 हजार अमेरिकी डॉलर का अनुदान दिया, जिनमें पूर्व राष्ट्रपति, वर्तमान राजनेता और संसद सदस्य शामिल थे। रिपोर्ट में कहा गया है कि थाईवानी करदाताओं की मेहनत से अर्जित यह धन आजीविका सम्बंधी समस्याओं के समाधान के लिए उपयोग नहीं किया जा रहा था।
सम्बंधित सवाल का जवाब देते हुए चीनी प्रवक्ता ने कहा कि ये रिपोर्टें एक बार फिर साबित करती हैं कि लाई छिंग-ते प्रशासन थाईवान के लोगों की मेहनत से कमाई गई धनराशि का इस्तेमाल "डॉलर कूटनीति" में करता है, जिसका उपयोग भ्रष्टाचार, अवैध लाभ और सत्ता के बदले धन के लेन-देन के लिए किया जाता है। यह सब "थाईवान की स्वतंत्रता" के अलगाववादी एजेंडे और व्यक्तिगत राजनीतिक स्वार्थों को पूरा करने के लिए किया जाता है। पलाऊ और अन्य कुछेक देशों द्वारा थाईवान के साथ बनाए गए तथाकथित सम्बंध उनके देशों और लोगों के मूलभूत हितों के लिए नहीं हैं, बल्कि कुछ मुट्ठी भर स्वार्थी तत्वों के लाभ के लिए हैं।