सीमा शुल्क प्रक्रिया में सुधार से भीतरी मंगोलिया की चीन-यूरोप मालगाड़ियों की रफ्तार बढ़ी
भीतरी मंगोलिया स्वायत्त प्रदेश के एर्लियनहोट रेलवे बंदरगाह के कंटेनर ट्रांसफर क्षेत्र में कंटेनर एक के पीछे एक रखे हैं। एर्लियनहोट सीमा शुल्क विभाग के रेलवे पर्यवेक्षण की प्रभारी वांग मैलीकेंग ने कारोबारी प्रणाली में एक माल सूची की ओर इशारा करते हुए बताया कि चीन-यूरोप मालगाड़ी में लाए जा रहे इन सामानों की सछ्वान में कंटेनरों में भरते समय ही जांच पूरी कर ली गई थी। इसलिए, बंदरगाह पहुंचने के बाद सीमा शुल्क अधिकारियों को केवल माल सूची की जानकारी की पुष्टि करनी होती है। जांच पूरी होते ही सामान को आगे भेज दिया जाता है और इस तरह मालगाड़ी 24 घंटे के भीतर चीन से रवाना हो सकती है।
ऐसी तेज और आसान सीमा शुल्क प्रक्रिया भीतरी मंगोलिया के सीमावर्ती रेलवे बंदरगाहों पर रोज देखने को मिलती है। चीन-यूरोप मालगाड़ियों के पूर्वी और मध्य मार्ग के प्रमुख प्रवेश द्वार के रूप में, इस साल जनवरी से जुलाई तक भीतरी मंगोलिया से होकर 6,354 चीन-यूरोप मालगाड़ियां गुजरीं, जो पिछले साल की इसी अवधि से 23.6 प्रतिशत अधिक है। यह संख्या चीन से संचालित कुल चीन-यूरोप मालगाड़ियों की 48.9 प्रतिशत है। इसके अलावा, चीन-यूरोप मालगाड़ियों का पारगमन भी देश में लगातार सबसे अधिक रहा है। चीन की लगभग आधी चीन-यूरोप मालगाड़ियों के भीतरी मंगोलिया से होकर गुजरने में सीमा शुल्क प्रक्रिया में किए गए सुधारों की बड़ी भूमिका है। इन सुधारों के तहत “रेल त्वरित निकासी” को बढ़ावा दिया गया है, जिससे मालगाड़ियों की आवाजाही पहले से अधिक तेज और सुचारु हुई है।
हूहोट सीमा शुल्क विभाग के उपप्रमुख चांग चिंगचोउ ने बताया कि आगे सीमा शुल्क विभाग भीतरी मंगोलिया को उत्तर की ओर खुलने वाले प्रमुख द्वार के रूप में विकसित करने के प्रयासों के तहत स्मार्ट सीमा शुल्क व्यवस्था को और बेहतर बनाएगा। साथ ही, चीन-यूरोप मालगाड़ियों के लिए “रेल त्वरित निकासी” जैसी सुविधाजनक व्यवस्थाओं को व्यापक रूप से लागू किया जाएगा। इसके अलावा, “बंदरगाह + स्थानीय क्षेत्र” के बीच समन्वित निगरानी को और मजबूत किया जाएगा, अलग-अलग परिवहन साधनों के बीच सामान पहुंचाने के लिए “एकल माल दस्तावेज” व्यवस्था को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे सीमा शुल्क प्रक्रिया में आने वाली अड़चनें दूर होंगी, मालगाड़ियों की आवाजाही और तेज होगी और परिवहन लागत कम करने में मदद मिलेगी। इससे भीतरी मंगोलिया अपने बेहतर पारगमन मार्गों का लाभ उठाकर आर्थिक और औद्योगिक विकास को और गति दे सकेगा।