ल्हासा में विकलांग व्यक्तियों की व्यावसायिक कौशल प्रतियोगिता शुरू
"कौशल भविष्य का मार्ग प्रशस्त करता है" विषय पर आधारित शीत्सांग स्वायत्त प्रदेश की छठी विकलांग व्यावसायिक कौशल प्रतियोगिता और 8वीं राष्ट्रीय विकलांग व्यावसायिक कौशल प्रतियोगिता के लिए चयन परीक्षा 25 अगस्त को ल्हासा में शुरू हुई।
इस प्रतियोगिता में हस्तशिल्प, उद्योग और सेवा तीन श्रेणियों में कुल चार स्पर्धाएं आयोजित की गईं। इनमें फैशन तकनीक और थांगका निर्माण जैसी स्पर्धाएं हस्तकला की बारीकी और कौशल को दर्शाती हैं, जबकि नेत्रहीन मालिश सेवा जैसी स्पर्धाएं प्रतिभागियों को आत्मनिर्भर बनने का रास्ता देती हैं। विभिन्न जिलों और शहरों में हुई चयन प्रक्रिया के बाद कुल 91 प्रतियोगियों ने इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए अर्हता हासिल की है। इनमें से चुने गए विजेता 8वीं राष्ट्रीय विकलांग व्यावसायिक कौशल प्रतियोगिता में शीत्सांग स्वायत्त प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगे।
वहीं, प्रतियोगिता के दौरान ल्हासा, शान्नान, नाछ्य्वी, शिकाज़े और लिनची समेत कई स्थानों ने आदान-प्रदान प्रदर्शनी क्षेत्र में विकलांग व्यक्तियों द्वारा बनाए गए हस्तशिल्प उत्पादों और उद्योग के विकास से जुड़ी उपलब्धियों को प्रदर्शित किया। इस पहल के जरिए "प्रतियोगिता और प्रदर्शन" के माध्यम से बर्फीले पठार के कुशल कारीगरों की आत्मनिर्भरता और हुनर को सामने लाया गया।
इस मौके पर शीत्सांग स्वायत्त प्रदेश के विकलांग संघ की पार्टी समिति की सदस्य और उपाध्यक्ष ड्रोल्मा त्सेरिंग ने कहा कि इस प्रतियोगिता का उद्देश्य प्रतियोगिता के जरिए सीखने, प्रशिक्षण और रोजगार को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि अगले चरण में विकलांग व्यक्तियों के लिए व्यावसायिक कौशल प्रशिक्षण को और मजबूत किया जाएगा। साथ ही, रोजगार और उद्यमिता के अवसरों का विस्तार करने पर भी जोर दिया जाएगा।