स्वायत्त प्रदेश का तिब्बती चिकित्सा अस्पताल उच्च गुणवत्ता वाले विकास के नए चरण में पहुंचा
हाल ही में, स्वायत्त प्रदेश के तिब्बती चिकित्सा अस्पताल की स्थापना के 110 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित संवाददाता सम्मेलन में जानकारी दी गई कि स्थापना के बाद से अब तक अस्पताल को “राष्ट्रीय पारंपरिक चीनी चिकित्सा (तिब्बती चिकित्सा) नैदानिक अनुसंधान केंद्र” समेत आठ राष्ट्रीय स्तर के केंद्रों तथा “राष्ट्रीय पारंपरिक चीनी चिकित्सा चिकित्सा केंद्र (तिब्बती चिकित्सा)” समेत छह केंद्रों के रूप में स्थापित किया गया है। वर्तमान में अस्पताल में छह प्रमुख कार्यात्मक क्षेत्र विकसित हो चुके हैं। यह अस्पताल तिब्बती चिकित्सा एवं औषधि सेवाओं को केंद्र में रखते हुए चिकित्सा, वैज्ञानिक अनुसंधान, शिक्षण, रोग निवारण, स्वास्थ्य देखभाल और तिब्बती औषधि निर्माण को एकीकृत करने वाला उच्च श्रेणी का तिब्बती चिकित्सा अस्पताल बन चुका है और समग्र रूप से उच्च गुणवत्ता वाले विकास के नए चरण में प्रवेश कर गया है।
जानकारी के अनुसार, स्वायत्त प्रदेश का तिब्बती चिकित्सा अस्पताल शुरुआत में तिब्बती चिकित्सा तथा खगोल एवं पंचांग गणना के दो विषयों से शुरू हुआ था, जो अब बढ़कर 30 से अधिक विषयों तक पहुंच गया है। अस्पताल में राष्ट्रीय स्तर की 18 प्रमुख विशेषज्ञताएं एवं विषय तथा स्वायत्त प्रदेश स्तर की 5 प्रमुख विशेषज्ञताएं हैं। अस्पताल ने 150 प्रमुख रोगों के लिए तिब्बती चिकित्सा उपचार योजनाएं, तिब्बती बाह्य उपचार की 18 मानकीकृत कार्यप्रणालियां, तिब्बती चिकित्सा परिचर्या की 10 मानकीकृत कार्यप्रणालियां और 22 उपयुक्त उपचार तकनीकों की संचालन प्रक्रियाएं तैयार करने में नेतृत्व किया है।