सियोल में चीन और दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्रियों की वार्ता

चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने 19 अगस्त को सियोल में दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री चो ह्यून के साथ वार्ता की।
वांग यी ने कहा कि स्थायी मित्र पड़ोसी और करीबी साझेदार होने के नाते, चीन और दक्षिण कोरिया को रणनीतिक दूरदर्शिता दिखाते हुए दोनों देशों के दीर्घकालिक विकास और अपने लोगों के मूलभूत हितों पर ध्यान देना चाहिए। दोनों पक्षों को द्विपक्षीय संबंधों के स्वस्थ, स्थिर और सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए मिलकर काम करना चाहिए, ताकि दोनों देशों के लोगों को अधिक लाभ मिले और क्षेत्रीय शांति व विकास में अधिक योगदान दिया जा सके।
इस वर्ष चीन और दक्षिण कोरिया के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना की 34वीं वर्षगांठ है। वांग यी ने कहा कि चीन, दक्षिण कोरिया के साथ मिलकर दोनों देशों के बीच रणनीतिक सहयोग साझेदारी को एक नए स्तर पर ले जाना चाहता है। उन्होंने कहा कि चीन और दक्षिण कोरिया के बीच आर्थिक और व्यापारिक सहयोग की मजबूत नींव है और दोनों देशों के साझा हित लगातार गहरे हुए हैं। चीन को उम्मीद है कि दोनों पक्ष सहयोग का लगातार विस्तार करते हुए पारंपरिक उत्पादन क्षमता सहयोग को उच्च मूल्यवर्धित सहयोग में बदलेंगे।
साथ ही, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, हरित परिवर्तन, डिजिटल अर्थव्यवस्था, उच्च स्तरीय उपकरण और रजत अर्थव्यवस्था जैसे नए क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएं तलाशेंगे। इतना ही नहीं, चीन दक्षिण कोरिया मुक्त व्यापार समझौते की दूसरे चरण की वार्ता में तेजी लाने और पारस्परिक लाभ को और मजबूत करने के लिए भी काम करेंगे।

इसके अलावा, चीनी विदेश मंत्री ने दोनों देशों के बीच युवाओं, मीडिया, खेल, थिंक-टैंक और स्थानीय सरकारों के स्तर पर आदान-प्रदान को लगातार बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मामलों में समन्वय व सहयोग मजबूत करने, क्षेत्रीय शांति और स्थिरता की रक्षा करने तथा अधिक न्यायपूर्ण और समान वैश्विक शासन व्यवस्था के निर्माण को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
वहीं, दक्षिण कोरियाई विदेश मंत्री चो ह्यून ने दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्षों की सफल पारस्परिक यात्राओं का जिक्र करते हुए कहा कि इससे चीन और दक्षिण कोरिया के संबंधों की व्यापक बहाली को मजबूती मिली है। उन्होंने कहा कि राजनयिक संबंध स्थापित होने के बाद से दक्षिण कोरिया हमेशा एक चीन नीति का पालन करता आया है। दक्षिण कोरिया विभिन्न क्षेत्रों में चीन के साथ संबंधों के निरंतर सुधार और विकास को बढ़ावा देने के लिए उच्च स्तर पर करीबी आदान-प्रदान बनाए रखने की उम्मीद करता है।
इस वर्ष नवंबर में चीन के शनचन शहर में एपेक नेताओं की अनौपचारिक बैठक आयोजित होगी, जिसमें राष्ट्रपति ली जे म्यंग भाग लेंगे। अगले वर्ष दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना की 35वीं वर्षगांठ भी होगी। इन अवसरों का लाभ उठाते हुए चो ह्यून ने उम्मीद जताई कि दोनों देश उच्चस्तरीय आदान-प्रदान को और मजबूत करेंगे, व्यापार, उच्च प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और युवा जैसे क्षेत्रों में सहयोग को गहरा करेंगे तथा मुक्त व्यापार समझौते की दूसरे चरण की वार्ता में तेजी लाएंगे। उन्होंने दोनों देशों के लोगों के बीच मैत्रीपूर्ण संबंधों को मजबूत करने, बहुपक्षीय मामलों पर चीन के साथ संवाद और समन्वय बढ़ाने तथा चीन और दक्षिण कोरिया के बीच रणनीतिक सहयोग साझेदारी को एक नए स्तर पर ले जाने पर भी जोर दिया।
इसके अलावा, दोनों देशों के विदेश मंत्रियों ने आपसी चिंता वाले अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी गहन विचार-विमर्श किया। वांग यी ने कोरियाई प्रायद्वीप की स्थिति पर चीन का रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि चीन एक जिम्मेदार प्रमुख देश के रूप में अपनी विदेश नीति में निरंतरता और स्थिरता बनाए रखता है। चीन कोरियाई प्रायद्वीप की शांति और स्थिरता में रचनात्मक भूमिका निभाने के लिए हमेशा प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि चीन डीपीआरके और दक्षिण कोरिया के बीच शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व की दिशा में हो रही क्रमिक प्रगति का स्वागत करता है और उम्मीद करता है कि इससे अंततः कोरियाई प्रायद्वीप में स्थायी शांति और स्थिरता कायम होगी।