छिंगहाई-शीत्सांग रेलवे के ल्हासा पश्चिम स्टेशन से उच्च पठारीय माल परिवहन को बढ़ावा मिला
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| 1 जुलाई को छिंगहाई-शीत्सांग रेलवे के ल्हासा पश्चिम स्टेशन माल यार्ड के प्रभारी वू हाओ कंटेनरों की जांच करते हुए। |
1 जुलाई 2026 को छिंगहाई–शीत्सांग रेलवे के पूर्ण संचालन को 20 वर्ष पूरे हो गए। ल्हासा पश्चिम स्टेशन, जो शीत्सांग खंड का सबसे बड़ा माल परिवहन केंद्र है, पिछले दो दशकों से निरंतर बढ़ते आंकड़ों के माध्यम से उच्च पठारी क्षेत्र की लॉजिस्टिक्स प्रणाली को दक्षता और गुणवत्ता दोनों स्तरों पर सशक्त बनाता रहा है।
बीते बीस वर्षों में ल्हासा पश्चिम स्टेशन पर माल ढुलाई में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2006 में संचालन प्रारंभ होने पर जहां माल आवक-जावक 3.29 लाख टन थी, वहीं यह आंकड़ा वर्ष 2025 में बढ़कर 64.29 लाख टन तक पहुंच गया। इसी अवधि में परिवहन किए जाने वाले माल की श्रेणियाँ भी 10 से अधिक प्रकारों से बढ़कर 50 से अधिक प्रकारों तक विस्तारित की गई हैं। अप्रैल 2026 तक, इस माल परिवहन केंद्र से कुल माल आवक-जावक 10 करोड़ टन के आँकड़े को पार कर चुका है।
“मूलभूत सेवाओं की गारंटी” से “उन्नत सेवा गुणवत्ता” और “आवागमन संभव बनाने” से “तेज़ और सुचारु परिवहन” की दिशा में आगे बढ़ते हुए, ल्हासा पश्चिम स्टेशन ने लगातार डिजिटल उन्नयन और स्मार्ट संचालन को मजबूत किया है। इससे शीत्सांग में प्रवेश और निकास करने वाले लॉजिस्टिक्स के मुख्य मार्ग को और अधिक सुदृढ़ बनाया गया है। आज यह उच्च पठारीय रेलवे माल केंद्र अधिक दक्ष और सटीक परिवहन सेवाओं के माध्यम से शीत्सांग के आर्थिक एवं सामाजिक उच्च गुणवत्ता वाले विकास को निरंतर नई ऊर्जा प्रदान कर रहा है।
