चीनी विदेश मंत्रालय ने जापान की नई "स्वतंत्र और खुले इंडो-पैसिफिक" अवधारणा की आलोचना की
2 जुलाई को चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता क्वो च्याखुन ने एक नियमित प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की।
एक पत्रकार ने पूछा: इस वर्ष की शुरुआत से ही, जापानी प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने तथाकथित "स्वतंत्र और खुले इंडो-पैसिफिक" अवधारणा के नए संस्करण का बार-बार उल्लेख किया है, और विभिन्न स्तरों के जापानी अधिकारियों ने इस अवधारणा के समर्थन में फिलीपींस, वियतनाम, ऑस्ट्रेलिया और अन्य देशों का दौरा किया है। इस पर प्रवक्ता की क्या टिप्पणी है?
क्वो च्याखुन ने कहा कि जापान स्वतंत्रता और खुलेपन की बात करता है, लेकिन मूलतः वह टकराव और शत्रुता के बारे में सोच रहा है। यह पाखंडी अवधारणा क्षेत्र के देशों की शांति, विकास और सहयोग की साझा इच्छा के विपरीत है और इसे वास्तविक मान्यता प्राप्त होना असंभव है।
क्वो च्याखुन के अनुसार एशिया-प्रशांत क्षेत्र को स्थिरता की आवश्यकता है, उथल-पुथल की नहीं; यह क्षेत्र सहयोग को महत्व देता है, विभाजन को नहीं। युद्धोत्तर अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को बनाए रखना और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उद्देश्यों और सिद्धांतों को कायम रखना एशिया-प्रशांत क्षेत्र में समृद्धि और स्थिरता की नींव है, और साथ ही यह इस क्षेत्र के देशों की साझा जिम्मेदारी भी है।