“शुएलोंग 2” अंटार्कटिका अभियान में नई खोजें
18 मई को, चीन का पहला स्वदेश निर्मित ध्रुवीय वैज्ञानिक अनुसंधान आइसब्रेकर "शुएलोंग"(Xuelong) धीरे-धीरे यांग्त्ज़ी नदी के मुहाने में प्रवेश कर गया और अंटार्कटिका से शांहाई स्थित अपने घरेलू बंदरगाह पर लौट आया।
"शुएलोंग 2" 1 नवंबर 2025 को रवाना हुआ था, और लगभग 200 दिनों की यात्रा के दौरान इसने 30 हज़ार समुद्री मील से अधिक की दूरी तय की। इस यात्रा के दौरान,"शुएलोंग 2" ने 6 बार भयंकर पछुआ हवाओं का सामना किया तथा समुद्र के पानी, जीवों और तलछट के 20 हज़ार से अधिक नमूने एकत्र किए। साथ ही, स्थलीय एवं पोत-आधारित उपकरणों से प्राप्त 3400 GB से अधिक अवलोकन डेटा भी सुरक्षित किया गया।
अंटार्कटिका महासागर के व्यापक परीक्षण
चीन के 42वें अंटार्कटिका वैज्ञानिक अभियान के “शुएलोंग”(Xuelong) दल के कप्तान काओ शूनान ने बताया कि "श्यूएलोंग 2" का ग्रीष्मकालीन महासागरीय सर्वेक्षण अंटार्कटिक प्रायद्वीप के निकटवर्ती समुद्री क्षेत्रों और कॉस्मोनॉट्स सागर इन दो प्रमुख समुद्री क्षेत्रों—पर केंद्रित था। इन 32 दिनों के मिशन में, अभियान सदस्यों ने 6 अनुभागों में 38 स्टेशनों पर बहु-विषयक व्यापक सर्वेक्षण पूरा किया, जिससे जल निकाय, तलछट, वायुमंडल, समुद्री बर्फ, प्रदूषक और जैविक पारिस्थितिकी का पूर्ण-आयामी कवरेज प्राप्त हुआ।
शरद और शीतकालीन वैज्ञानिक अनुसंधान के अंतराल की भरपाई
चीन के 41वें अंटार्कटिका अभियान द्वारा रॉस सागर के शरदकालीन अभियान को पूरा करने के बाद, चीन ने एक बार फिर मौसमी सीमाओं को पार करते हुए, 2026 के शरदकालीन प्रिंज़ लार्सन बे संयुक्त अभियान की शुरुआत की है। यह प्रिंज़ लार्सन बे में चीन का पहला शरद-शीतकालीन महासागरीय वैज्ञानिक अनुसंधान है। साथ ही, अंटार्कटिका के सीमांत समुद्री क्षेत्र में शरद और शीत ऋतु के दौरान आयोजित दुनिया की दुर्लभ बड़े पैमाने की अंतर्राष्ट्रीय सहकारी वैज्ञानिक अनुसंधान परियोजनाओं में से एक है।
इस अभियान में, चीन के घरेलू स्तर पर निर्मित उपकरणों ने एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ग्रीष्मकालीन महासागरीय सर्वेक्षण के दौरान, अभियान दल के सदस्यों ने अंटार्कटिक प्रायद्वीप के जलक्षेत्र में 15 घरेलू महासागरीय भूकंपमापी स्थापित किए और एक भूकंपीय अवलोकन नेटवर्क का निर्माण किया।