कुलांगयू द्वीप पर युवाओं का काव्यमय संगम

समुद्री हवाएं जब कुलांगयू द्वीप की लाल टाइलों वाली गलियों से होकर गुजरती हैं, तो दीवारों पर लहराती बोगनवेलिया इस द्वीप की काव्यमयी छटा को और जीवंत बना देती है। समुद्र से घिरा यह ऐतिहासिक द्वीप केवल अपनी शताब्दियों पुरानी सांस्कृतिक विरासत के लिए ही नहीं, बल्कि निरंतर बहती काव्यधारा के लिए भी जाना जाता है। कविता से जुड़े तीन रचनाकारों ने कुलांगयू द्वीप पर अपनी लेखनी के माध्यम से प्राचीन काव्य परंपरा को आधुनिक दौर में नई पहचान और नई ऊर्जा प्रदान की है।