बर्फ़ीली वसंत ऋतु: काली मिट्टी पर उभरती आर्थिक गर्माहट
हाल के वर्षों में, बर्फ़ और हिम से जुड़ी सांस्कृतिक पहचान के सशक्त होने तथा संबंधित उद्योगों के निरंतर विस्तार के साथ, चीन के विभिन्न हिस्सों में "हिम-उत्साह" देखने को मिल रहा है। बर्फ़ और हिम को माध्यम बनाकर सांस्कृतिक पर्यटन के एकीकरण और औद्योगिक उन्नयन को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे विशिष्ट पहचान वाली हिम-आर्थिक विकास की एक नई राह सामने आई है।
शुरू हुए बर्फ़ीले दीपोत्सव से लेकर "आइस एंड स्नो वर्ल्ड" की स्थापना तक, और फिर पारिस्थितिक पर्यटन की ओर बढ़ते "स्नो टाउन" तक—हिम संस्कृति परंपरा के संरक्षण के साथ नवाचार में ढलती रही है और नवाचार के बीच निरंतर विकसित हुई है। हार्बिन के स्थानीय डिज़ाइनर ली छिउशी की बर्फ़ से बनी विशाल आकृति "स्नोमैन" आज नई पीढ़ी की लोकप्रिय पहचान बन चुकी है; वहीं युवा आइस-स्कल्पचर छात्र चेन फ़ेइयुए अपनी कृतियों के ज़रिये पूर्वोत्तर चीन की विशिष्ट रोमांटिक संवेदनाओं को आकार दे रहे हैं। दूसरी ओर, कभी वानिकी कर्मी रहे झांग वेइ ने भी हिम पर्यटन के इर्द-गिर्द जीवन की एक नई दिशा खोज ली है। कभी कठोर ठंड और गहरी बर्फ़ के लिए पहचाने जाने वाले ये क्षेत्र आज रोज़गार सृजन और आय-वृद्धि को गति देने वाले नए इंजन में बदलते दिखाई दे रहे हैं।
