दुर्गम गोलोग में शिक्षा की राह: बर्फ़ीले पहाड़ों के बीच ज्ञान का मार्ग
चीन के छिंगहाई प्रांत में स्थित गोलोग तिब्बती स्वायत्त प्रान्त की औसत समुद्र तल से ऊँचाई 4,200 मीटर से अधिक है। यह चीन में औसत ऊँचाई के लिहाज़ से सबसे ऊँचा जातीय स्वायत्त प्रान्त है। यहाँ का अत्यंत ठंडा वातावरण भव्य अनीमाछिंग हिम पर्वत को जन्म देता है, लेकिन साथ ही शिक्षा के विकास के सामने प्राकृतिक परिस्थितियों से जुड़ी विशेष चुनौतियाँ भी खड़ी करता है।
चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने ज़ोर देकर कहा है, “गरीबी से जूझ रहे क्षेत्रों के बच्चों को अच्छी शिक्षा उपलब्ध कराना गरीबी उन्मूलन और विकास के प्रयासों का एक महत्वपूर्ण कार्य है। यह पीढ़ी-दर-पीढ़ी गरीबी के हस्तांतरण को रोकने का भी एक महत्वपूर्ण माध्यम है।”वर्ष 2010 में शीत्सांग कार्य पर केंद्रित पाँचवीं केंद्रीय संगोष्ठी आयोजित हुई, जिसमें शांगहाई शहर द्वारा छिंगहाई प्रांत के गोलोग तिब्बती स्वायत्त प्रान्त को लक्षित सहायता प्रदान करने का निर्णय लिया गया। पठारी क्षेत्रों में शिक्षा के विकास की बाधाओं को दूर करने के लिए गोलोग ने एक अभिनव पहल करते हुए पूरे स्कूल को दूसरे स्थान पर स्थापित कर शिक्षा प्रदान करने का मॉडल अपनाया। इसके तहत गोलोग प्रान्त के माध्यमिक विद्यालय को पूरी तरह से अपेक्षाकृत कम ऊँचाई वाले शिनिंग शहर में स्थापित किया गया। वर्ष 2019 में गोलोग-शिनिंग जातीय माध्यमिक विद्यालय का निर्माण पूरा हुआ और उसमें विद्यार्थियों का प्रवेश शुरू हुआ।
