शीत्सांग के न्यिंगची में डिजिटल तकनीक से पहाड़ी जंगलों की सुरक्षा

1 सितंबर को ली गई न्यिंगची शहर के पाह कस्बे के वन अग्नि निगरानी केंद्र की तस्वीर।
हाल के वर्षों में, शीत्सांग स्वायत्त प्रदेश के न्यिंगची शहर ने वन क्षेत्रों में आग से बचाव और निगरानी की क्षमता बढ़ाने के लिए स्थानीय वानिकी विभाग और चाइना मोबाइल की शीत्सांग शाखा के साथ मिलकर काम किया है। 5G, इंटरनेट ऑफ थिंग्स और बिग डेटा जैसी तकनीकों के सहारे पूरे क्षेत्र में स्मार्ट वन अग्नि-निगरानी प्रणाली विकसित की गई है। डिजिटल तकनीक के माध्यम से पठारी वन क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है।
न्यिंगची शहर के वानिकी एवं घासभूमि ब्यूरो के अग्नि सुरक्षा विभाग के उप प्रमुख ह हुआंग ने कहा, “पहले जंगलों में आग से बचाव के लिए मुख्य रूप से कर्मचारियों द्वारा गश्त और निगरानी टावरों से निरीक्षण किया जाता था। वन क्षेत्रों में निर्माण गतिविधियां और लोगों की आवाजाही बढ़ने के साथ आग लगने के जोखिम भी अधिक विविध हो गए हैं, जिससे पारंपरिक व्यवस्था के लिए आधुनिक निगरानी एवं प्रबंधन की जरूरतों को पूरा करना मुश्किल हो गया है।”
इसी को देखते हुए न्यिंगची शहर के वानिकी विभाग ने चाइना मोबाइल की शीत्सांग शाखा की न्यिंगची शाखा के साथ मिलकर वन क्षेत्रों में स्मार्ट सेंसर नेटवर्क का निर्माण आगे बढ़ाया है। इसके तहत बड़ी संख्या में दोहरे-स्पेक्ट्रम वाले स्मार्ट निगरानी उपकरण लगाए गए हैं। ये उपकरण 24 घंटे लगातार निगरानी कर सकते हैं। इनमें दृश्य प्रकाश के जरिए धुएं की पहचान और थर्मल इमेजिंग के जरिए वन क्षेत्र के तापमान की निगरानी की जाती है। किसी असामान्य स्थिति का पता चलने पर उपकरण अपने आप तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड करते हैं तथा 5G समर्पित नेटवर्क के माध्यम से उन्हें वास्तविक समय में नियंत्रण मंच तक भेजते हैं। इससे आग लगने के संभावित खतरे का जल्द पता लगाने और उसकी सूचना तुरंत देने में मदद मिलती है।
जानकारी के अनुसार, इस परियोजना में 5 किलोमीटर और 10 किलोमीटर के दायरे में निगरानी करने वाले दो प्रकार के स्मार्ट उपकरण लगाए गए हैं। दोनों प्रकार के उपकरण 360 डिग्री के कोण पर चारों दिशाओं में निगरानी करने में सक्षम हैं, जिससे मानव गश्त की समय और स्थान संबंधी सीमाएं काफी हद तक दूर हुई हैं। वर्तमान में यह स्मार्ट सेंसर नेटवर्क न्यिंगची शहर के सभी 7 काउंटियों तथा 56 कस्बों और उप-जिलों को पूरी तरह कवर करता है। प्रमुख वन क्षेत्रों में ग्रिड आधारित स्मार्ट निगरानी व्यवस्था भी स्थापित की जा चुकी है।
इसके अलावा, 5G की कम विलंबता और तेज डेटा संचार क्षमता का लाभ उठाकर यह मंच आग लगने के संभावित खतरों की प्रारंभिक पहचान कर सकता है और कर्मचारियों को मौके पर दोबारा मैनुअल जांच करने में सहायता देता है। सटीक अक्षांश और देशांतर वाली चेतावनी सूचनाएं वास्तविक समय में भेजी जाती हैं। कर्मचारी अग्नि सुरक्षा की "एकीकृत मानचित्र" प्रणाली के जरिए घटनास्थल के दृश्य तुरंत देख सकते हैं तथा राहत सामग्री और गश्ती दलों की तैनाती का समन्वय कर सकते हैं। इससे आग की घटनाओं से निपटने की दक्षता और प्रभावशीलता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।