पेइचिंग में शी चिनफिंग ने जॉर्डन के राजा अब्दुल्ला द्वितीय से वार्ता की

(CRI)14:29:34 2026-08-25

24 अगस्त की दोपहर को, चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने देश की राजधानी पेइचिंग में स्थित जन बृहद भवन में जॉर्डन के हाशेमाइट साम्राज्य के राजा अब्दुल्ला द्वितीय बिन हुसैन के साथ वार्ता की। राजा अब्दुल्ला द्वितीय चीन की राजकीय यात्रा पर आए हैं।

इस दौरान शी चिनफिंग ने कहा कि चीन और जॉर्डन के बीच राजनयिक संबंध स्थापित होने के बाद से दोनों देशों ने हमेशा एक-दूसरे का सम्मान किया है, समान व्यवहार किया है और पारस्परिक लाभ के लिए सहयोग किया है। यह अलग-अलग सामाजिक व्यवस्थाओं और आकार वाले देशों के बीच आपसी सहयोग और एक-दूसरे से सीखने का एक अच्छा उदाहरण है।

शी चिनफिंग ने कहा कि साल 2015 में उन्होंने राजा अब्दुल्ला द्वितीय के साथ मिलकर चीन और जॉर्डन के बीच रणनीतिक साझेदारी स्थापित करने की घोषणा की थी। इससे दोनों देशों के संबंधों के विकास का एक नया अध्याय शुरू हुआ। जटिल और अस्थिर अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्थिति के बीच दोनों देशों को पारंपरिक मित्रता को आगे बढ़ाना चाहिए, रणनीतिक आपसी विश्वास मजबूत करना चाहिए, पारस्परिक लाभ वाले सहयोग को गहरा करना चाहिए और बहुपक्षीय सहयोग को मजबूत करना चाहिए। इसके साथ ही, चीन-जॉर्डन रणनीतिक साझेदारी को और आगे बढ़ाकर क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और समृद्धि में सकारात्मक योगदान देना चाहिए।

शी ने जोर देकर कहा कि चीन क्षेत्र में जॉर्डन की अनूठी और महत्वपूर्ण भूमिका को महत्व देता है। चीन जॉर्डन की राष्ट्रीय संप्रभुता, सुरक्षा और विकास हितों की रक्षा के लिए उसके प्रयासों का दृढ़ता से समर्थन करता है। इसके साथ ही चीन, सरकार, राजनीतिक दलों, विधायी संस्थाओं और स्थानीय सरकारों सहित सभी स्तरों पर जॉर्डन के साथ आदान-प्रदान मजबूत करने और शासन के अनुभव साझा करने के लिए तैयार है।

उन्होंने कहा कि चीन और जॉर्डन को अपनी विकास रणनीतियों के बीच तालमेल को और मजबूत करना चाहिए। दोनों देशों को व्यापार, बुनियादी ढांचे के निर्माण, परिवहन और खनन जैसे पारंपरिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना चाहिए। साथ ही, डिजिटल अर्थव्यवस्था, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और हरित ऊर्जा जैसे नए क्षेत्रों में सहयोग का विस्तार करना चाहिए। शिक्षा, संस्कृति, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और पर्यटन के क्षेत्र में भी आदान-प्रदान को व्यापक रूप से गहरा करना चाहिए। शी चिनफिंग के विचार में दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क और आपसी समझ को बढ़ावा देना भी जरूरी है।

वार्ता के दौरान राजा अब्दुल्ला द्वितीय ने चीन को एक महान देश बताते हुए राष्ट्रपति शी चिनफिंग के नेतृत्व में चीन द्वारा हासिल की गई बड़ी विकास उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि जॉर्डन और चीन ने एक मजबूत रणनीतिक साझेदारी स्थापित की है। दोनों पक्ष लगातार एक-दूसरे का सम्मान करते हुए घनिष्ठ सहयोग कर रहे हैं और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग के सकारात्मक परिणाम हासिल कर रहे हैं। जॉर्डन एक-चीन नीति का दृढ़ता से पालन करता है और थाईवान को चीनी भूभाग का अभिन्न हिस्सा मानता है।

इसके अलावा, राजा अब्दुल्ला द्वितीय ने कहा कि जॉर्डन चीन के साथ अपने संबंधों को बहुत महत्व देता है। जॉर्डन अर्थव्यवस्था और व्यापार, विनिर्माण, कृषि, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, चिकित्सा, संस्कृति और शिक्षा के क्षेत्रों में चीन के साथ सहयोग और आदान-प्रदान को और गहरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि जॉर्डन चीन की और अधिक कंपनियों का देश में निवेश करने और दोनों देशों के साझा विकास एवं समृद्धि में योगदान देने के लिए स्वागत करता है।

वार्ता में दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्षों ने मध्य पूर्व की स्थिति पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया। शी चिनफिंग ने जोर देकर कहा कि चीन हमेशा व्यापक युद्धविराम और राजनीतिक एवं कूटनीतिक माध्यमों से विवादों के समाधान की वकालत करता रहा है। चीन का मानना है कि जॉर्डन सहित क्षेत्रीय देशों की संप्रभुता और सुरक्षा का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने फिलिस्तीनी मुद्दे के समाधान के लिए चार सिद्धांतों का पालन करने की बात कही। इनमें राजनीतिक समाधान, फिलिस्तीनियों द्वारा फिलिस्तीन का शासन, मानवीय दृष्टिकोण और निष्पक्षता एवं न्याय शामिल हैं।

वार्ता के बाद दोनों राष्ट्राध्यक्षों ने कूटनीति, व्यापार और अर्थव्यवस्था, आपूर्ति श्रृंखला तथा न्याय के क्षेत्रों में कई सहयोग दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए जाने को संयुक्त रूप से देखा। दोनों पक्षों ने चीन-जॉर्डन रणनीतिक साझेदारी को गहरा करने पर एक संयुक्त बयान भी जारी किया।

वार्ता से पहले, शी चिनफिंग ने जन बृहद भवन के उत्तरी हॉल में राजा अब्दुल्ला द्वितीय के स्वागत समारोह का आयोजन किया। उसी दिन शाम, शी चिनफिंग ने जन बृहद भवन के स्वर्ण हॉल में राजा अब्दुल्ला द्वितीय के सम्मान में स्वागत भोज का आयोजन किया।

बता दें कि राष्ट्रपति शी चिनफिंग के निमंत्रण पर जॉर्डन के राजा अब्दुल्ला द्वितीय 18 से 24 अगस्त तक चीन की राजकीय यात्रा पर हैं।