चीन वैश्विक मरुस्थलीकरण नियंत्रण के लिए देगा ‘चीनी समाधान’
‘मरुस्थलीकरण से निपटने के लिए संयुक्त राष्ट्र संधि’ (United Nations Convention to Combat Desertification, UNCCD) के हस्ताक्षरकर्ता के रूप में चीन इस संधि के तहत अपने दायित्वों को पूरी निष्ठा से निभाता है और मरुस्थलीकरण से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग को सक्रिय रूप से बढ़ावा देता है। चीन भविष्य में भी वैश्विक मरुस्थलीकरण नियंत्रण के लिए ‘चीनी समाधान’ देने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा। यह बात 18 अगस्त को चीन की राजधानी पेइचिंग में विदेश मंत्रालय द्वारा आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रवक्ता लिन च्येन ने कही।
दरअसल, UNCCD के हस्ताक्षरकर्ताओं का सम्मेलन (UNCCD COP17) 17 से 28 अगस्त तक मंगोलिया की राजधानी उलानबातर में आयोजित किया जा रहा है। इसी के संदर्भ में लिन च्येन ने कहा कि मरुस्थलीकरण से लड़ना मानव जाति के सतत विकास से जुड़ा एक महत्वपूर्ण कार्य है। चीन इस अवधारणा का पालन करता है कि ‘स्वच्छ जल और हरे-भरे पहाड़ अमूल्य संपत्ति हैं।’ इसके तहत चीन ने लगातार 40 वर्षों तक भूमि क्षरण में ‘शून्य वृद्धि’ और मरुस्थलीकरण तथा रेतीकरण में ‘दोहरी कमी’ हासिल की है। साथ ही, वन क्षेत्र और वन भंडार में ‘दोहरी वृद्धि’ दर्ज की गई है। इस तरह चीन ने वर्ष 2030 तक भूमि क्षरण में शून्य वृद्धि के वैश्विक लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
इसी क्रम में प्रवक्ता ने बताया कि चीन मरुस्थलीकरण से निपटने के लिए संयुक्त राष्ट्र के प्रयासों में सक्रिय रूप से भाग लेता है और उनका पूरा समर्थन करता है। चीन रेत नियंत्रण और रोकथाम के अपने अनुभवों को दुनिया के साथ साझा करने के साथ ही प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देता है और संबंधित क्षेत्रों में कर्मियों को प्रशिक्षण भी देता है। इन प्रयासों से वैश्विक दक्षिण के हरित विकास की दिशा में मजबूत गति मिली है। मौजूदा UNCCD COP17 के दौरान चीन ने मरुस्थलीकरण नियंत्रण पर एक प्रदर्शनी के लिए ‘चीन मंडप’ स्थापित किया है। यहां मरुस्थलीकरण से निपटने के लिए चीन द्वारा किए जा रहे प्रयासों को प्रदर्शित किया जा रहा है। इसके अलावा, चीन मरुस्थलीकरण नियंत्रण से जुड़े विचारों, प्रौद्योगिकियों और व्यावहारिक अनुभवों के आदान प्रदान के लिए विभिन्न पक्षों के साथ कई सह कार्यक्रम भी आयोजित करेगा।
लिन च्येन ने कहा, “भविष्य को ध्यान में रखते हुए चीन वैश्विक मरुस्थलीकरण नियंत्रण के लिए ‘चीनी समाधान’ देने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा। चीन सभी पक्षों के साथ मिलकर पारिस्थितिकी और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में सहयोग को और गहरा करेगा तथा UNCCD प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगा, ताकि ‘मरुस्थलों को नखलिस्तान में बदलने’ के और अधिक विकास चमत्कार सामने आ सकें।”