विदेश मंत्रालय ने एक बार फिर जापानी राजनेताओं से आग्रह किया है कि वे गलत रास्ते पर और आगे न बढ़ें

खबरों के मुताबिक, जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने 15 अगस्त को युद्ध में मारे गए लोगों के लिए आयोजित राष्ट्रीय स्मारक सेवा में भाषण दिया। इस पर चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने 17 तारीख को आयोजित नियमित संवाददाता सम्मेलन में सम्बंधित सवाल का जवाब देते हुए कहा कि साने ताकाइची ने अपने भाषण में सीखे गए सबकों पर विचार करने से परहेज़ किया, आक्रमण की जिम्मेदारी को छिपाया और इतिहास की दिशा को उलट दिया। इससे एक बार फिर साने ताकाइची की सरकार के आक्रमण के इतिहास को छिपाने, विकृत करने और पलटने के नापाक इरादे उजागर हुए हैं, जिसकी सभी पक्षों से कड़ी निंदा और व्यापक विरोध हुआ है।
चीनी प्रवक्ता ने कहा कि जापान की पराजय और आत्मसमर्पण की वर्षगांठ पर, साने ताकाइची ने "युद्ध अपराधियों के मंदिर" में एक रस्म के तौर पर शुल्क अदा किया। जापानी रक्षा मंत्री सहित उच्च पदस्थ अधिकारियों और गणमान्य व्यक्तियों ने भी मंदिर का दौरा किया, जिससे जापान के एशियाई पड़ोसियों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की राष्ट्रीय दिशा के प्रति सतर्कता और बढ़ गई। जापान के कुछ दूरदर्शी व्यक्तियों ने यह बात स्पष्ट की है कि जो राष्ट्र अपने कार्यों पर आत्मनिरीक्षण नहीं करता, वह विश्वास हासिल नहीं कर सकता। रक्षा मंत्री के कार्य आक्रामक युद्ध का समर्थन करने के समान हैं।
चीनी प्रवक्ता ने कहा कि इस वर्ष जापानी आक्रमण के विरुद्ध चीनी जन प्रतिरोध युद्ध और विश्व फासीवाद-विरोधी युद्ध की विजय की 81वीं वर्षगांठ और टोक्यो ट्रायल्स की शुरुआत की 80वीं वर्षगांठ है। इतिहास का सामना करके और उससे सीख लेकर ही हम वही गलतियाँ दोहराने और दोबारा भटकने से बच सकते हैं। हम एक बार फिर जापान में सत्ता में बैठे लोगों से आग्रह करते हैं कि वे जापान के भीतर और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से न्याय की आवाजों को ध्यानपूर्वक सुनें, अपने अपराधों पर गहराई से विचार करें और गलत रास्ते पर और आगे न बढ़ें।