एपिसोड-5: हांगकांग के एक आविष्कारक ने अपना प्रोटोटाइप छियानहाई क्यों लाया?
“15वीं पंचवर्षीय योजना मिशन” की इस कड़ी में मुख्य पात्र मीना नवोन्मेषी उद्यमियों के साथ मिलकर ग्रेटर बे एरिया में उत्पादन रोबोट के विकास और निर्माण की यात्रा पर निकलती है। इस सफर के दौरान वह जीवंत रूप से दिखाती है कि आखिर क्यों ग्रेटर बे एरिया दुनिया भर के उद्यमियों के लिए “सपनों का शहर” बन गया है। सिर्फ 72 घंटों के भीतर मीना हांगकांग के अत्याधुनिक अनुसंधान एवं विकास, शेनझेन के मजबूत हार्डवेयर आपूर्ति श्रृंखला समूह और छियानहाई की सीमा-पार उद्यमिता से जुड़ी संस्थागत नवाचार व्यवस्था और बेहतर कारोबारी माहौल को एक साथ जोड़ती है। इन सभी तत्वों के मेल से नवाचार की एक ऐसी “रासायनिक प्रतिक्रिया” पैदा होती है, जो विकास की नई संभावनाओं को जन्म देती है। अंत में मीना समझती है कि वास्तव में अजेय ताकत किसी एक चमकदार और अलग-थलग विचार में नहीं, बल्कि उस पूरे पारिस्थितिकी तंत्र में निहित है, जो शहरों की सीमाओं को पार कर “अनुसंधान एवं विकास, विनिर्माण, सेवाओं और वैश्विक बाजार तक पहुंच” को एक-दूसरे से निर्बाध रूप से जोड़ता है।
विज्ञान और तकनीकी नवाचार की वास्तविक शक्ति केवल प्रयोगशाला में मौजूद किसी एक एल्गोरिदम तक सीमित नहीं होती, बल्कि तब दिखाई देती है जब वह मजबूत औद्योगिक आपूर्ति श्रृंखला में जड़ें जमाकर तेजी से वास्तविक उत्पादन क्षमता में बदल जाता है। अत्याधुनिक अनुसंधान से लेकर संपूर्ण औद्योगिक चक्र के निर्माण तक का यह तेज बदलाव ही “नई गुणवत्ता वाली उत्पादक शक्तियों” का सबसे जीवंत उदाहरण है।
