पिंगलू नहर में वास्तविक जहाजों का औपचारिक परीक्षण शुरू


12 अगस्त को क्वांग्शी च्वांग जातीय स्वायत्त प्रदेश स्थित पिंगलू नहर में वास्तविक जहाजों के परीक्षण का औपचारिक शुभारंभ हुआ। 

12 अगस्त को क्वांग्शी च्वांग जातीय स्वायत्त प्रदेश स्थित पिंगलू नहर में वास्तविक जहाजों के परीक्षण का औपचारिक शुभारंभ हुआ। इस परीक्षण के तहत चरणबद्ध तरीके से सामान्य और प्रतिकूल परिस्थितियों में नौवहन की व्यवहारिक जांच तथा पूरी नहर में स्थापित नौवहन संकेतकों की प्रभावशीलता का परीक्षण किया जाएगा। इसके माध्यम से नहर के जलमार्ग, जहाज लॉक, लंगर क्षेत्र, सेवा क्षेत्र और नौवहन सहायक सुविधाओं की उपयुक्तता का व्यापक आकलन किया जाएगा, ताकि सितंबर 2026 में नहर को निर्धारित समय पर यातायात के लिए खोला जा सके।

इस परीक्षण के लिए चार प्रतिनिधि जहाजों को शामिल किया गया है, जिनमें 5,000 टन क्षमता वाले पूर्ण एवं खाली मालवाहक जहाज, 3,000 टन क्षमता वाला मालवाहक तथा 1,000 टन क्षमता वाला मालवाहक जहाज शामिल हैं। परीक्षण मार्ग में नहर के शाफिंग नदी खंड, जल-विभाजक खंड, छिनज्यांग मुख्यधारा खंड, छिनचो शहरी खंड और समुद्र मुहाने वाला खंड शामिल हैं। इसके साथ ही तीन प्रमुख जल-परिवहन केंद्रों के दोहरे जहाज लॉक से जहाजों के आवागमन, मोड़ों पर दो जहाजों के एक-दूसरे को पार करने, एक ही दिशा में आगे निकलने, यू-टर्न लेने, ज्वार-भाटे के दौरान जहाजों के लगने और प्रस्थान करने तथा रात्रिकालीन नौवहन सहित विभिन्न परिस्थितियों का परीक्षण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, जल निकासी, सहायक नदियों की बाढ़, तेज हवाओं और ऊंचे ज्वार जैसी छह उच्च जोखिम वाली प्रतिकूल परिस्थितियों में भी परीक्षण किए जाएंगे। साथ ही, पूरी नहर में स्थापित 206 प्रतिनिधि नौवहन संकेतकों की दिन और रात दोनों समय दृश्यता, प्रकाश गुणवत्ता तथा उनकी स्थापना की प्रभावशीलता की विशेष जांच भी की जाएगी।

परीक्षण पूरा होने के बाद, पिंगलू नहर के निर्माण एवं प्रबंधन दल द्वारा “वास्तविक जहाज नौवहन उपयुक्तता परीक्षण रिपोर्ट” और “नौवहन संकेतक प्रभावशीलता परीक्षण रिपोर्ट” तैयार की जाएगी तथा विशेषज्ञों से उनकी आंतरिक समीक्षा कराई जाएगी। इसके अलावा, इन रिपोर्टों में पूरी नहर के लिए नौवहन सुधार संबंधी सुझाव, मानकीकृत नौवहन मार्ग और संचालन पद्धतियां प्रस्तुत की जाएंगी। साथ ही, नहर के विभिन्न खंडों में जहाजों के आवागमन और प्रबंधन संबंधी आवश्यकताओं को स्पष्ट किया जाएगा तथा नहर के सुरक्षित संचालन के लिए आवश्यक तकनीकी आधार को और मजबूत बनाया जाएगा। इससे इस महत्वपूर्ण परियोजना के माध्यम से नदी और समुद्री परिवहन के एकीकृत नेटवर्क की शुरुआत को सुचारु रूप से आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। साथ ही, भविष्य में इसी प्रकार की अन्य परियोजनाओं के लिए भी महत्वपूर्ण तकनीकी संदर्भ उपलब्ध होगा।