वर्ष 2025 में ल्हासा पारिस्थितिक पर्यावरण की गुणवत्ता के मामले में चीन में शीर्ष पर रहा

ल्हासा।(VCG)
3 अगस्त को आयोजित ल्हासा शहर की वर्ष 2025 की पारिस्थितिक पर्यावरण गुणवत्ता संबंधी प्रेस वार्ता में बताया गया कि वर्ष 2025 में पारिस्थितिक पर्यावरण गुणवत्ता के मामले में ल्हासा चीन में शीर्ष पर रहा।
वर्ष 2025 में, ल्हासा की वायु गुणवत्ता चीन के राष्ट्रीय द्वितीय श्रेणी मानक के अनुरूप रही तथा उत्कृष्ट और अच्छी वायु गुणवत्ता वाले दिनों का अनुपात 99.7 प्रतिशत दर्ज किया गया। इसके आधार पर ल्हासा चीन के 168 प्रमुख शहरों में दूसरे स्थान पर रहा। शहर की सतही जल गुणवत्ता भी उत्कृष्ट रही। राष्ट्रीय निगरानी के तहत आने वाले सभी पाँच जल गुणवत्ता निगरानी खंडों तथा काउंटी स्तर और उससे ऊपर के 12 केंद्रीकृत पेयजल स्रोतों की जल गुणवत्ता सतही जल अथवा भूजल की श्रेणी-III के राष्ट्रीय मानकों पर खरी उतरी। वहीं, भूजल की गुणवत्ता समग्र रूप से अच्छी बनी रही और शहर की आंतरिक जल प्रणाली भी लगातार अच्छी स्थिति में बनी रही। मिट्टी की पर्यावरणीय गुणवत्ता समग्र रूप से सुरक्षित और स्थिर रही, जबकि निर्माण कार्यों के लिए उपयोग की जाने वाली भूमि के सुरक्षित उपयोग को प्रभावी ढंग से सुनिश्चित किया गया। इसके अलावा, ध्वनि पर्यावरण के मामले में दिन के समय क्षेत्रीय पर्यावरणीय शोर तथा सड़क यातायात शोर—दोनों की तीव्रता प्रथम श्रेणी स्तर पर रही। वहीं, विकिरण पर्यावरण की समग्र स्थिति भी अच्छी रही और सभी संबंधित संकेतक सामान्य दायरे में रहे।
वर्ष 2025 ल्हासा के पारिस्थितिक ब्रांड निर्माण की दृष्टि से सबसे अधिक उपलब्धियों वाला वर्ष रहा। जुलाई में जिम्बाब्वे में आयोजित आर्द्रभूमियों पर रामसर अभिसमय के पक्षकारों के 15वें सम्मेलन में ल्हासा को औपचारिक रूप से “अंतरराष्ट्रीय आर्द्रभूमि शहर” का दर्जा प्रदान किया गया। इसके साथ ही, यह सम्मान प्राप्त करने वाला शीत्सांग का पहला शहर बन गया। वर्ष के अंत में, उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर छूशुई काउंटी को चीन के पारिस्थितिकी एवं पर्यावरण मंत्रालय ने वर्ष 2025 के “हरित जल और हरित पर्वत ही अमूल्य संपदा हैं” व्यावहारिक नवाचार आधार के रूप में नामित किया।
पारिस्थितिक संरक्षण और आर्थिक विकास के समन्वय के क्षेत्र में, ल्हासा ने हमेशा उच्च स्तरीय पारिस्थितिक संरक्षण के माध्यम से उच्च गुणवत्ता वाले विकास को बढ़ावा देने की नीति पर कायम रहते हुए संरक्षण और विकास—दोनों पर समान रूप से बल दिया है। ल्हासा ने लगातार “प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने, निगरानी को सुदृढ़ करने और सेवाओं को बेहतर बनाने” संबंधी सुधारों को गहराई से लागू किया तथा पर्यावरणीय प्रभाव आकलन (ईआईए) की स्वीकृति अवधि में 60 प्रतिशत की कमी की। वर्षभर में 114 परियोजनाओं के पर्यावरणीय प्रभाव आकलन तथा 95 प्रदूषण उत्सर्जन अनुमति संबंधी मामलों को मंजूरी दी गई, जिससे प्रमुख परियोजनाओं के क्रियान्वयन को प्रभावी समर्थन मिला। साथ ही, केंद्रीय तथा शीत्सांग स्वायत्त प्रदेश स्तरीय पर्यावरण संरक्षण निरीक्षणों एवं “ग्रीन शील्ड” विशेष अभियान के दौरान सामने आए मुद्दों के सुधारात्मक कार्यों को क्लोज्ड-लूप प्रबंधन के तहत प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया गया। जनता से प्राप्त पर्यावरण संबंधी शिकायतों का भी समयबद्ध और प्रभावी ढंग से निपटारा किया गया तथा शिकायतों के निस्तारण की दर 100 प्रतिशत रही। इससे नागरिकों में पारिस्थितिक पर्यावरण से जुड़ी संतुष्टि, सुख-समृद्धि और सुरक्षा की भावना और मजबूत हुई।