शीत्सांग के मैदिका में दिखी प्राकृतिक पारिस्थितिक सुंदरता

मैदिका राष्ट्रीय आर्द्रभूमि प्राकृतिक संरक्षित क्षेत्र।
शीत्सांग स्वायत्त प्रदेश के नागछू शहर के च्याली काउंटी के उत्तरी हिस्से में स्थित मैदिका आर्द्रभूमि की औसत ऊंचाई करीब 4,900 मीटर है। यह ल्हासा नदी की सहायक नदी मैदिका जांगबू का उद्गम स्थल होने के साथ-साथ उत्तरी शीत्सांग पठार का एक महत्वपूर्ण पारिस्थितिक सुरक्षा कवच भी है। इसलिए, यह क्षेत्रीय पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने तथा पठारी पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
इस पठारी आर्द्रभूमि की मूल पारिस्थितिक स्थिति अच्छी तरह संरक्षित है। यहां जलधाराओं का घना जाल, विशाल घासभूमियां, तारों की भांति बिखरी झीलें और दूर-दूर तक फैले खुले मैदान इसकी प्राकृतिक सुंदरता को और निखारते हैं। यह क्षेत्र उच्च ऊंचाई वाली आर्द्रभूमि के मूल एवं शुद्ध प्राकृतिक स्वरूप को आज भी संजोए हुए है और हिमाच्छादित पठार की जीवंत पारिस्थितिकी को पूरी भव्यता के साथ प्रदर्शित करता है।
वर्ष 2004 में मैदिका आर्द्रभूमि को अंतरराष्ट्रीय महत्त्वपूर्ण आर्द्रभूमियों की सूची में शामिल किया गया। वर्षों से स्थानीय प्रशासन आर्द्रभूमि के संरक्षण और पुनर्स्थापना कार्यों को लगातार आगे बढ़ा रहा है। इसके माध्यम से पठारी पारिस्थितिक सुरक्षा कवच को और सुदृढ़ किया जा रहा है तथा जल संरक्षण, जैव विविधता को आश्रय प्रदान करने और जलवायु विनियमन जैसी पारिस्थितिक सेवाओं का पूरा लाभ उठाया जा रहा है। साथ ही, यह हिमाच्छादित पठार पर मानव और प्रकृति के बीच सामंजस्यपूर्ण सह-अस्तित्व वाले पारिस्थितिक स्वरूप की निरंतर रक्षा कर रहा है।