फिलिपींस द्वारा चीनी भूमि हुआंगयान ताओ में कथित प्रादेशिक समुद्र बेसलाइन खींचने पर चीनी विदेश मंत्रालय का बयान
चीनी विदेश मंत्रालय ने 31 जुलाई को फिलिपींस द्वारा चीनी भूमि हुआंगयान ताओ में तथाकथित प्रादेशिक समुद्र बेसलाइन खींचने पर एक बयान जारी किया।
इस बयान में कहा गया कि फिलिपींस की कार्रवाई ने चीन की प्रादेशिक भूमि की प्रभुसत्ता का गंभीर उल्लंघन किया है और यूएन चार्टर तथा यूएन समुद्र समझौते आदि अंतरराष्ट्रीय कानूनों का गंभीर उल्लंघन भी किया, जो गैरकानूनी और अप्रभावी है। चीन इसका डटकर विरोध करता है और इसे कतई स्वीकार नहीं करेगा।
बयान में कहा गया कि हुआंगयान ताओ चीन की अंतर्निहित भूमि है। हुआंगयान ताओ और उसके पास के समुद्र पर चीन की निर्विवाद प्रभुसत्ता है। यह चीन का संप्रभु अधिकार और अधिकार क्षेत्र है। फिलिपींस की भूमि श्रृंखलात्मक अंतरराष्ट्रीय समझौतों से निर्धारित हुई है। हुआंगयान ताओ कभी भी उस में नहीं था। हुआंगयान ताओ पर फिलिपींस के गैरकानूनी प्रादेशिक मांग को अंतरराष्ट्रीय कानून का आधार नहीं है।
फिलिपींस ने जो एकतरफा तौर पर तथाकथित दक्षिण चीन सागर मध्यस्थता की पहल की, उसने अंतरराष्ट्रीय कानून के बुनियादी सिद्धांत और यूएन समुद्र समझौते समेत अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन किया है। वह चीन और फिलिपींस के बीच द्विपक्षीय संधि और दक्षिण चीन सागर में पार्टियों के व्यवहारों की घोषणा के विरुद्ध भी है। तथाकथित मध्यस्थ निर्णय गैरकानूनी, अप्रभावी और बाध्यकारी नहीं है। चीन कथित मध्यस्थ निर्णय अस्वीकार करता है और मान्यता नहीं देता।
बयान में कहा गया कि चीन फिलिपींस से चीन की प्रादेशिक प्रभुसत्ता और समुद्री हितों का सम्मान कर हुआंगयान ताओ में उल्लंघन करने व उकसावा देने की कार्रवाई नहीं करने की मांग करता है, वरना चीन डटकर जवाब देगा।