शीत्सांग न्गारी विद्युत ग्रिड नेटवर्क परियोजना का 2026 वार्षिक निरीक्षण एवं रखरखाव शुरू

चित्र जन-दैनिक ऑनलाइन से है
शीत्सांग न्गारी और मध्य शीत्सांग विद्युत ग्रिड नेटवर्क परियोजना का 2026 वार्षिक निरीक्षण एवं रखरखाव कार्य 30 जुलाई से 12 अगस्त तक किया जाएगा। 2021 में पहली बार किए गए निरीक्षण और 2023 में किए गए प्रणालीगत वार्षिक निरीक्षण के बाद यह इस परियोजना का तीसरा व्यापक एवं गहन निरीक्षण-रखरखाव अभियान होगा। इस बार का रखरखाव अभियान कार्य के दायरे, बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की आवश्यकताओं और समन्वित संचालन की जटिलता के लिहाज से अब तक का सबसे व्यापक अभियान होगा।
न्गारी विद्युत ग्रिड नेटवर्क परियोजना का निर्माण दिसंबर 2020 में पूरा हुआ और इसे संचालन में लाया गया। इसने न्गारी क्षेत्र के बिजली ग्रिड के लंबे समय से चले आ रहे अलग-थलग संचालन के इतिहास को समाप्त कर दिया और न्गारी पावर ग्रिड को आधिकारिक रूप से राष्ट्रीय विद्युत ग्रिड प्रणाली में शामिल कर दिया। इससे क्षेत्रीय बिजली आपूर्ति की कठिनाइयों को प्रभावी रूप से दूर किया गया। यह परियोजना शीत्सांग के शिगात्से शहर के सांगचुत्स जिले स्थित तुवोलिन 220 केवी सबस्टेशन से शुरू होकर न्गारी क्षेत्र के गार काउंटी स्थित बार 220 केवी सबस्टेशन तक जाती है। इसकी विद्युत संचरण लाइन की कुल लंबाई 1,689 किलोमीटर है। परियोजना के ट्रांसमिशन टावरों की औसत ऊंचाई समुद्र तल से 4,572 मीटर है, जबकि सबसे ऊंचा स्थान 5,357 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। परियोजना के संचालन में आने के करीब छह वर्षों में न्गारी क्षेत्र में बिजली आपूर्ति की विश्वसनीयता में काफी सुधार हुआ है। इसने सीमावर्ती क्षेत्रों में आर्थिक विकास, जनजीवन सुधार और सामाजिक स्थिरता को मजबूत समर्थन दिया है। यह परियोजना सीमावर्ती स्थिरता को मजबूत करने और जातीय एकता को बढ़ावा देने वाली “प्रकाश की जीवनदायिनी धमनी” बन गई है।
मरम्मत अवधि के दौरान जनजीवन से जुड़ी बिजली आपूर्ति को निर्बाध बनाए रखने के लिए, स्टेट ग्रिड शीत्सांग विद्युत ऊर्जा कंपनी ने पूरी प्रक्रिया में जोखिम नियंत्रण और प्रबंधन को सख्ती से लागू किया है। कंपनी ने जोखिम रिपोर्टिंग और पूर्व चेतावनी तंत्र को प्रभावी रूप से लागू करते हुए, कार्यस्थल पर सुरक्षा निगरानी और संचालन नियंत्रण को लगातार मजबूत किया है। कंपनी ने न्गारी विद्युत ग्रिड और इसके मार्ग में आने वाले काउंटी-स्तरीय बिजली नेटवर्क के संचालन तरीकों का वैज्ञानिक रूप से अनुकूलन किया है। इसके साथ ही, ग्रिड के भीतर बिजली उत्पादन इकाइयों और संचार संपर्क उपकरणों के रखरखाव को मजबूत किया गया है। महत्वपूर्ण उपयोगकर्ताओं और जनजीवन से जुड़े बिजली भार की पहले से पहचान कर तैयारी की गई है। आपातकालीन बिजली आपूर्ति वाहनों, माइक्रो ग्रिड, ईंधन आधारित जनरेटर इकाइयों, उपयोगकर्ताओं के स्वयं के बिजली स्रोतों तथा मार्ग में स्थित छोटे जलविद्युत संयंत्रों को ग्रिड से जोड़ने जैसे विभिन्न उपायों के माध्यम से एक ऐसा समन्वित सुरक्षा तंत्र तैयार किया गया है, इससे ऐसी समन्वित गारंटी व्यवस्था तैयार हुई है, जिसमें “रखरखाव के दौरान भी बिजली आपूर्ति निर्बाध बनी रहे और सेवा के लिए मजबूत बैकअप व्यवस्था उपलब्ध हो।”