दक्षिण चीन सागर का मुद्दा चीन-आसियान संबंधों में बाधा नहीं बनना चाहिए:चीनी विदेश मंत्रालय

(CRI)10:07:17 2026-07-24

23 जुलाई को चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन च्येन ने एक नियमित प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की।

इस मौके पर लिन च्येन ने कहा कि 22 जुलाई को चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने मनीला में चीन-आसियान विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लिया, जिसमें आसियान देशों के विदेश मंत्री और आसियान महासचिव भी उपस्थित थे। वांग यी ने कहा कि दोनों पक्षों के नेताओं के संयुक्त रणनीतिक मार्गदर्शन में चीन-आसियान सहयोग ने फलदायी परिणाम प्राप्त किये हैं। चीन ने आठ आसियान देशों के साथ साझा भविष्य वाले द्विपक्षीय समुदाय के संयुक्त निर्माण पर एक महत्वपूर्ण सहमति बनाई है, और आसपास के क्षेत्र में साझा भविष्य वाले समुदाय के निर्माण को और अधिक गहन और व्यावहारिक बनाया गया है। वांग यी ने यह भी कहा कि दक्षिण चीन सागर इस क्षेत्र के देशों का साझा घर है, और दक्षिण चीन सागर का मुद्दा चीन-आसियान संबंधों में बाधा नहीं बनना चाहिए।

मध्य पूर्व की स्थिति के संबंध में, लिन च्येन ने कहा कि चीन मध्य पूर्व और खाड़ी क्षेत्र में मौजूदा स्थिति के बढ़ने को लेकर गहरी चिंता में है। वार्ताओं के परिणाम बड़ी मुश्किल से हासिल हुए थे, और एक नया युद्ध किसी भी पक्ष के हित में नहीं होगा। इसमें शामिल पक्षों को शांत और संयमित रहना चाहिए, शत्रुता समाप्त करनी चाहिए, संपर्क और संवाद फिर से शुरू करना चाहिए, राजनीतिक और राजनयिक माध्यमों से विवादों को सुलझाने का पालन करना चाहिए और यथाशीघ्र एक व्यापक और स्थायी युद्धविराम हासिल करना चाहिए।

चीन की कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बारे में वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारियों द्वारा की गई नकारात्मक टिप्पणियों के जवाब में, लिन च्येन ने कहा कि चीन विज्ञान, प्रौद्योगिकी और व्यापार से जुड़े मुद्दों के राजनीतिकरण और दुरुपयोग का लगातार विरोध करता रहा है। ऐसे कार्यों से कृत्रिम बुद्धिमत्ता के वैश्विक विकास में बाधा ही उत्पन्न होगी और ये किसी भी पक्ष के हित में नहीं हैं।