चीनी विदेश मंत्रालय ने फिलीपींस की जानबूझकर की गई उकसावे वाली कार्रवाई पर फिर से प्रतिक्रिया दी

(CRI)13:44:16 2026-07-23

22 जुलाई को चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन च्येन ने एक नियमित प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की।

एक पत्रकार ने फिलीपींस द्वारा रनआईच्याओ पर चीनी तटरक्षक बल के कानून प्रवर्तन कर्मियों पर जानबूझकर की गई उकसावे वाली कार्रवाई और हमले के बारे में पूछा।

इसकी चर्चा में लिन च्येन ने कहा कि चीन ने फिलीपीनी कर्मियों द्वारा चीनी कानून प्रवर्तन अधिकारियों पर किए गए दुर्भावनापूर्ण हमलों पर अपना कड़ा रुख पहले ही स्पष्ट कर दिया है। कुछ देशों ने फिलीपींस द्वारा किए गए उल्लंघन और उकसावे के बुनियादी तथ्यों को नजरअंदाज करते हुए चीन पर अनुचित हमले और आरोप लगाए और अवैध तथा अमान्य तथाकथित "दक्षिण चीन सागर मध्यस्थता निर्णय" को पुनर्जीवित करना जारी रखा। चीन इसका कड़ा विरोध करता है। चीन और आसियान देशों के संयुक्त प्रयासों से दक्षिण चीन सागर में स्थिति सामान्यतः स्थिर है। फिलीपींस द्वारा जानबूझकर की गई घुसपैठ और उकसावे वाली कार्रवाइयां समुद्री तनाव का मूल कारण हैं। उन देशों को, जो दक्षिण चीन सागर विवाद में पक्षकार नहीं हैं, इसमें शामिल पक्षों के बीच समुद्री मामलों में हस्तक्षेप करने का कोई अधिकार नहीं है।

एक पत्रकार ने पूछा कि इस सप्ताह चीन ने संयुक्त राष्ट्र के वैश्विक साइबर सुरक्षा के स्थायी तंत्र की पहली बैठक में "डिजिटल और बुद्धिमान युग में वैश्विक साइबर शासन पर चीन का रुख दस्तावेज" प्रस्तुत किया। क्या प्रवक्ता इस संबंध में कुछ विस्तृत जानकारी दे सकते हैं?

लिन च्येन ने इसके जवाब में कहा कि यह दस्तावेज़ सभी देशों की डिजिटल संप्रभुता का सम्मान करने की वकालत करता है। प्रत्येक देश को अपनी राष्ट्रीय परिस्थितियों के आधार पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता सहित डिजिटल और बुद्धिमान प्रौद्योगिकियों के विकास के लिए अपना मार्ग चुनने का अधिकार है, और उन्हें स्वतंत्र रूप से कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रौद्योगिकियों, उत्पादों और सेवाओं का चयन करने का भी अधिकार है। उन्हें किसी भी पक्ष का समर्थन करने के लिए बाध्य नहीं किया जाना चाहिए।