ड्यूरम गेहूं के स्थानीय अनुकूलन एवं खेती में चीन को नई सफलता
ड्यूरम गेहूं के दाने कठोर होते हैं और इनमें प्रोटीन की मात्रा अधिक होती है। यह पास्ता, पिज़्ज़ा तथा अन्य खाद्य उत्पादों के निर्माण का प्रमुख कच्चा माल है। इससे पहले, प्रजनन तकनीक और उपयुक्त बीज स्रोतों की कमी के कारण, चीन को हर वर्ष औसतन लगभग 30 लाख टन ड्यूरम तथा अन्य कठोर गेहूं और उनसे बने उत्पादों का आयात करना पड़ता था। वर्ष 2014 में चाइना एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर कोउ चिनयिंग के नेतृत्व में शोध दल ने हपेई प्रांत के हंगशुई शहर के वूई काउंटी में ड्यूरम गेहूं की नई किस्म विकसित करने की परियोजना शुरू की। मूल ड्यूरम गेहूं की कम शीत-सहनशीलता और उत्तरी चीन की जलवायु के अनुरूप न ढल पाने की चुनौती से निपटने के लिए टीम ने 10,000 से अधिक जर्मप्लाज़्म नमूनों की छंटाई और जीनोम विश्लेषण किया। 11 वर्षों के चयन और प्रजनन के बाद, वर्ष 2025 में परीक्षण खेतों में प्रति 667 वर्ग मीटर उपज 450 किलोग्राम से अधिक रही। इसके साथ ही, गुणवत्ता के मानक भी उत्कृष्ट स्तर पर पहुंचे और यह किस्म बड़े पैमाने पर प्रदर्शनात्मक खेती के लिए उपयुक्त साबित हुई।
इस वर्ष 20 जून को वूई काउंटी में स्वदेशी तकनीक से विकसित ड्यूरम गेहूं की लगभग 2.02 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में बोई गई फसल की कटाई शुरू हुई। वास्तविक मापन में इसकी अधिकतम उपज 560.68 किलोग्राम प्रति 667 वर्ग मीटर दर्ज की गई, जो आयातित किस्मों से अधिक है। यह पहली बार है जब चीन में स्वदेशी रूप से विकसित ड्यूरम गेहूं की बड़े पैमाने पर खुले खेतों में सफल कटाई की गई है। इसके साथ ही, कठोर गेहूं की विदेशी किस्मों के स्थानीय अनुकूलन और खेती के क्षेत्र में चीन ने एक नई उपलब्धि हासिल की है, जिससे आयात पर लंबे समय से चली आ रही निर्भरता समाप्त होने की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव आया है।