सौर तापीय बिजली उत्पादन क्षमता में चीन दुनिया में दूसरे स्थान पर
चीन विद्युत परिषद के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, चीन वैश्विक स्तर पर सौर तापीय बिजली की नई स्थापित क्षमता में अग्रणी बन गया है। जून 2026 के अंत तक, चीन में 24 सौर तापीय बिजली परियोजनाएं पूरी होकर परिचालन में आ चुकी हैं, जिनकी कुल स्थापित क्षमता 21 लाख किलोवाट है। इसके साथ ही, सौर तापीय बिजली की स्थापित क्षमता के मामले में चीन दुनिया में दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। वहीं, 26 अन्य परियोजनाओं पर निर्माण कार्य जारी है, जिनकी कुल स्थापित क्षमता 32 लाख किलोवाट है।
ये आंकड़े 16 जुलाई को आयोजित “2026 छिंगहाई स्वच्छ ऊर्जा विकास मंच” के दौरान चीन विद्युत परिषद द्वारा जारी किए गए। परिषद के योजना एवं विकास विभाग के निदेशक चांग लिन ने बताया कि सौर तापीय बिजली उत्पादन और सौर फोटोवोल्टिक (PV) बिजली उत्पादन, दोनों ही सौर ऊर्जा के उपयोग की तकनीकें हैं, लेकिन इनके विद्युत उत्पादन के सिद्धांत, परिचालन विशेषताएं और विद्युत ग्रिड में योगदान अलग-अलग हैं। दोनों तकनीकें एक-दूसरे की पूरक हैं, प्रतिस्पर्धी या विकल्प नहीं।
वर्तमान में, चीन चौथी पीढ़ी की सौर तापीय बिजली उत्पादन तकनीक के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय अग्रणी स्तर हासिल कर चुका है। साथ ही, उसने दुनिया की अग्रणी सौर तापीय बिजली उद्योग श्रृंखला भी विकसित कर ली है। इस क्षेत्र में तकनीकी उपकरणों का स्वदेशीकरण 95 प्रतिशत से अधिक किया जा चुका है। जबकि उच्च ताप अवशोषण, ताप भंडारण और सौर ताप संग्रह से जुड़ी प्रमुख सामग्रियां अब पूरी तरह स्वदेशी और आत्मनिर्भर हैं। इसके अलावा, बिजली संयंत्रों के संचालन एवं रखरखाव की तकनीक में भी लगातार सुधार लाया जा रहा है।
योजना के अनुसार, वर्ष 2030 तक चीन ने सौर तापीय बिजली की स्थापित क्षमता 1.5 करोड़ किलोवाट तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। चीन विद्युत परिषद के कार्यकारी उपाध्यक्ष यांग खुन ने कहा कि “15वीं पंचवर्षीय योजना” (2026–2030) के दौरान चीन का सौर तापीय बिजली उद्योग तेज विकास की राह पर अग्रसर होगा और कम लागत, उच्च दक्षता तथा बड़ी क्षमता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा।