दक्षिण चीन सागर मध्यस्थता निर्णय की दसवीं वर्षगांठ पर कुछ देशों द्वारा मचाए जा रहे हंगामे पर चीन की प्रतिक्रिया
अमेरिका, फिलीपींस, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, एस्टोनिया, जर्मनी, इटली, जापान, लातविया, लिथुआनिया, न्यूजीलैंड, रोमानिया, स्लोवेनिया और ब्रिटेन द्वारा 12 जुलाई को जारी तथाकथित "दक्षिण चीन सागर मध्यस्थता निर्णय की दसवीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में संयुक्त वक्तव्य" के संबंध में, चीनी विदेश मंत्रालय ने निम्नलिखित घोषणा की है:
I. दक्षिण चीन सागर में स्थित द्वीपों पर चीन की संप्रभुता है, जिनमें डोंगशा द्वीप समूह, शीशा द्वीप समूह, चोंगशा द्वीप समूह और नानशा द्वीप समूह शामिल हैं; दक्षिण चीन सागर में स्थित द्वीपों पर चीन के आंतरिक जलक्षेत्र, प्रादेशिक समुद्र, सन्निहित क्षेत्र, अनन्य आर्थिक क्षेत्र और महाद्वीपीय शेल्फ का अधिकार है; दक्षिण चीन सागर में चीन के ऐतिहासिक अधिकार हैं।
II. दक्षिण चीन सागर दुनिया के सबसे सुरक्षित समुद्री मार्गों में से एक है, और दक्षिण चीन सागर में नौवहन और हवाई उड़ान की स्वतंत्रता के साथ कभी कोई समस्या नहीं हुई है।
III. भूमि संबंधी क्षेत्रीय मुद्दे संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून संधि के दायरे में नहीं आते हैं।
IV. दक्षिण चीन सागर मध्यस्थता मामले पर चीन का रुख स्पष्ट, सुसंगत और दृढ़ है।
V. इस निर्णय के दस साल बाद भी, यह न केवल चीन और फिलीपींस के बीच समुद्री मुद्दों को हल करने में विफल रहा है, बल्कि फिलीपींस के लिए अपने क्षेत्रीय और समुद्री दावों का विस्तार करने का एक साधन बन गया है, जिससे क्षेत्रीय संघर्ष बढ़ रहे हैं और बाहरी ताकतों को दक्षिण चीन सागर मुद्दे में हस्तक्षेप करने और स्थिति को बिगाड़ने का बहाना मिल रहा है। यह चीन-फिलीपींस संबंधों और दक्षिण चीन सागर में शांति और स्थिरता को प्रभावित करने वाली एक बड़ी बाधा बन गया है।