शीत्सांग के आली प्रिफेक्चर में सौर ऊर्जा और भंडारण परियोजना ग्रिड से जुड़ी
हाल ही में शीत्सांग स्वायत्त प्रदेश के आली प्रिफेक्चर की काअर काउंटी में एक फोटोवोल्टाइक (सौर) और ऊर्जा भंडारण परियोजना को सफलतापूर्वक बिजली ग्रिड से जोड़ दिया गया। इसका मतलब है कि सोलर पैनलों से बिजली बनाने और उसे बैटरी में जमा करने वाली परियोजना अब बिजली ग्रिड से जुड़ गई है। यह अति-उच्च ऊंचाई पर स्थापित फोटोवोल्टाइक और ऊर्जा भंडारण को एकीकृत करने वाली एक नई ऊर्जा परियोजना है।
बताया गया है कि इस परियोजना में कुल 17.5 करोड़ युआन का निवेश किया गया है। इसकी स्थापित क्षमता 31.83 मेगावाट है और इससे हर साल औसतन 5 करोड़ 63 लाख 20 हजार किलोवाट-घंटे बिजली उत्पादन होने की उम्मीद है। यह लगभग 16,200 टन मानक कोयले की बचत और हर साल करीब 44,500 टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी के बराबर होगा।
यह परियोजना आली प्रिफेक्चर की काअर काउंटी के च्यामू गांव में स्थित है, जो छिंगहाई-शीत्सांग पठार पर समुद्र तल से करीब 4,300 मीटर की ऊंचाई पर है। परियोजना के निर्माण के दौरान उच्च ऊंचाई, ऑक्सीजन की कमी, कठोर मौसम और निर्माण सामग्री के परिवहन जैसी कई बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ा।
इस परियोजना में ऊर्जा भंडारण सुविधाओं का भी निर्माण किया गया है। इसके शुरू होने के बाद फोटोवोल्टाइक बिजली उत्पादन और ऊर्जा भंडारण के संयुक्त लाभों का बेहतर उपयोग किया जा सकेगा। इससे सौर ऊर्जा उत्पादन में होने वाले उतार-चढ़ाव को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सकेगा, नई ऊर्जा के स्थानीय उपयोग की क्षमता बढ़ेगी और स्वच्छ तथा हरित बिजली की लगातार और स्थिर आपूर्ति सुनिश्चित होगी।
इस परियोजना के ग्रिड से जुड़ने के साथ ही आली क्षेत्र में स्वच्छ ऊर्जा की स्थापित क्षमता का और विस्तार हुआ है। इससे क्षेत्र की ऊर्जा संरचना को बेहतर बनाने, शीत्सांग की पारिस्थितिक सुरक्षा को मजबूत करने और "दोहरे कार्बन" लक्ष्यों को हासिल करने में भी सकारात्मक मदद मिलेगी।