शीत्सांग के मोचू : सरसों के एक फूल ने बदली स्थानीय अर्थव्यवस्था की तस्वीर

शीत्सांग के मोचू : सरसों के एक फूल ने बदली स्थानीय अर्थव्यवस्था की तस्वीर
शीत्सांग के ल्हासा स्थित मोचू कोंगखा काउंटी में खिले सरसों के फूल।

ग्रीष्म ऋतु के चरम में शीत्सांग स्वायत्त प्रदेश की राजधानी ल्हासा शहर के प्रशासनिक क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली मोचू कोंगखा काउंटी सुनहरी आभा से खिल उठा है। इस काउंटी में हजारों हेक्टेयर में फैले सरसों के खेतों में समय पर फूल खिल उठे हैं, जिसने न केवल पर्यटकों को आकर्षित किया है, बल्कि “सुंदरता आधारित अर्थव्यवस्था” को भी बढ़ावा दिया है।

हाल के वर्षों में मोचू कोंगखा काउंटी ने सरसों की खेती से लेकर प्रसंस्करण और विपणन तक पूरी औद्योगिक श्रृंखला को विकसित करने के प्रयास तेज किए हैं। इसके अग्रिम हिस्से में “फूलों के समुद्र वाली अर्थव्यवस्था” को आकर्षक बनाया गया है, जिसके तहत प्रचार कार्यक्रमों के आयोजन से संस्कृति और पर्यटन आधारित उपभोग को बढ़ावा मिला है। वहीं, इसके पिछले हिस्से में बड़े पैमाने पर खेती और ब्रांड आधारित संचालन के सहारे “तेल अर्थव्यवस्था” को मजबूत किया गया है तथा छोटे सरसों के बीजों से तेल उत्पादन की प्रसंस्करण श्रृंखला का विस्तार किया गया है। कच्चे माल की बिक्री से उत्पादों की बिक्री और फिर प्राकृतिक दृश्यों की बिक्री तक, पूरी औद्योगिक श्रृंखला एक-दूसरे से जुड़कर विकसित हो रही है। आज यही छोटी-सी सरसों की कली स्थानीय लोगों के घरों के सामने “समृद्धि का फूल” बन गई है, जो ग्रामीणों की आय बढ़ाने का मजबूत आधार बन रही है।