चीन की संपूर्ण जहाज निर्माण उद्योग श्रृंखला लगातार सशक्त
चीन के उद्योग एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2026 की पहली तिमाही में चीन ने जहाज निर्माण के तीन प्रमुख संकेतकों, जैसे निर्मित जहाजों की मात्रा, नए ऑर्डरों की मात्रा तथा लंबित ऑर्डरों की मात्रा में वैश्विक स्तर पर पहला स्थान बनाए रखा। इस अवधि में जहाज निर्माण की पूर्ण मात्रा 1 करोड़ 56 लाख 80 हजार डेडवेट टन रही, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 46 प्रतिशत अधिक है। वहीं, नए ऑर्डरों की मात्रा 5 करोड़ 95 लाख 30 हजार डेडवेट टन रही, जिसमें 195.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। मार्च के अंत तक लंबित ऑर्डरों की मात्रा बढ़कर 32.23 करोड़ डेडवेट टन पहुंच गई, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 43.6 प्रतिशत अधिक है और वैश्विक कुल लंबित ऑर्डरों का 69.8 प्रतिशत है। इसके अलावा, कई बड़े शिपयार्डों के ऑर्डर अगले तीन वर्षों तक के लिए बुक हो चुके हैं।
14वीं पंचवर्षीय योजना की अवधि के दौरान चीन ने वैश्विक स्तर पर नए जहाजों के कुल ऑर्डरों का 64.2 प्रतिशत प्राप्त किया, जो 13वीं पंचवर्षीय योजना की अवधि की तुलना में 15.1 प्रतिशत अंक अधिक है। इसके साथ ही, विश्व के प्रमुख जहाज निर्माण देश के रूप में चीन की स्थिति और अधिक मजबूत हुई है तथा उसका वैश्विक बाजार हिस्सा लगातार 16 वर्षों से विश्व में प्रथम स्थान पर बना हुआ है।
हरित एवं निम्न-कार्बन ऊर्जा से संचालित जहाजों के निर्माण में वैश्विक अग्रणी भूमिका, उच्च स्तरीय ड्रेजिंग उपकरणों के क्षेत्र में विदेशी एकाधिकार का अंत और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) प्रौद्योगिकी के माध्यम से जहाजों की सुरक्षा क्षमता को सुदृढ़ करने जैसी उपलब्धियों के साथ चीन का जहाज़ निर्माण एवं समुद्री अभियांत्रिकी उद्योग समुद्री शक्ति निर्माण की राष्ट्रीय रणनीति के अनुरूप वैश्विक औद्योगिक परिवर्तन की दिशा का नेतृत्व कर रहा है। उत्तर से दक्षिण तक फैले तटीय जहाज़ निर्माण केंद्रों पर नज़र डालें तो अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों से सुसज्जित नए-नए जहाज़ों का निर्माण और सुपुर्दगी लगातार जारी है। वहीं, उद्योग श्रृंखला निरंतर अधिक सुदृढ़ और व्यापक होती जा रही है, जिससे समुद्री शक्ति निर्माण को मजबूत गति मिल रही है।