चीन हमेशा समानता और मित्रता के आधार पर विभिन्न क्षेत्रों में भारत के साथ सहयोग को बढ़ावा देना चाहता है

30 जून को चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता क्वो च्याखुन ने एक नियमित प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की।
चीनी और भारतीय समाचार संगठनों के बीच सहयोग के बारे में क्वो च्याखुन ने कहा कि चीन हमेशा से ही समानता और मित्रता के आधार पर विभिन्न क्षेत्रों में भारत के साथ सहयोग को बढ़ावा देने के लिए तत्पर रहा है, जिसमें संबंधित समाचार संगठनों के बीच सहयोग भी शामिल है।
चीन-यूरोप आर्थिक और व्यापारिक सहयोग की चर्चा में क्वो च्याखुन ने कहा कि चीन और यूरोप साझेदार हैं, प्रतिद्वंद्वी नहीं। चीन-यूरोप आर्थिक और व्यापारिक सहयोग का मूल तत्व पारस्परिक लाभ और समान-जीत परिणाम है; यूरोपीय संघ की समस्याओं का मूल कारण चीन नहीं है। द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक संबंधों को सुलझाने की कुंजी चीन-यूरोप सहयोग को गहरा करने और साझा विकास हासिल करने में निहित है।
चीनी विदेश मंत्री वांग यी की चार देशों की यात्रा की चर्चा में क्वो च्याखुन ने कहा कि सीपीसी केंद्रीय समिति के पोलित ब्यूरो के सदस्य और चीनी विदेश मंत्री वांग यी 2 से 8 जुलाई तक डेनमार्क, स्वीडन, फिनलैंड और नॉर्वे का दौरा करेंगे। उक्त चार देश उन पहले यूरोपीय देशों में से थे जिन्होंने चीन लोक गणराज्य को मान्यता दी और उसके साथ राजनयिक संबंध स्थापित किए, और चीन के साथ उनकी दोस्ती का एक लंबा इतिहास रहा है। अपनी यात्रा के दौरान, विदेश मंत्री वांग यी द्विपक्षीय संबंधों और साझा चिंता के अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श करने के लिए चारों देशों के विदेश मंत्रियों के साथ अलग-अलग वार्ता करेंगे।