पहले 5 महीनों में शीत्सांग के सीमा-द्वारों से माल ढुलाई 1 लाख टन के पार


शीत्सांग का सीमा-द्वार। (VCG)

ल्हासा सीमा-शुल्क विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस वर्ष के पहले पाँच महीनों में शीत्सांग के सीमा-द्वारों पर आयात-निर्यात माल की कुल निगरानी मात्रा 1.081 लाख टन तक पहुँच गई। इससे स्पष्ट होता है कि सीमावर्ती व्यापार क्षेत्रीय विकास को गति देने और सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों की समृद्धि बढ़ाने में एक महत्वपूर्ण प्रेरक शक्ति बनकर उभर रहा है।

मई माह में चांगमु सीमा-द्वार पर ट्रांजिट किए गए माल की मात्रा 951.16 टन रही, जो माह-दर-माह आधार पर 19 गुना की वृद्धि दर्शाती है। पहले पाँच महीनों में चिलोंग सीमा-द्वार पर आयातित साइलेज 1,291.57 टन तक पहुंच गया, जो पूरे पिछले वर्ष के स्तर से भी अधिक है। इससे न केवल पशुपालक क्षेत्रों में चारे की कमी की समस्या का समाधान हुआ है, बल्कि चरागाह पारिस्थितिकी संरक्षण में भी सहायता मिली है। इसी अवधि में लिज़ी सीमा-द्वार पर कुल माल यातायात 2,414 टन दर्ज किया गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 151.2 गुना अधिक है और इसे सीमावर्ती व्यापार के नए विकास केंद्र के रूप में देखा जा रहा है।

जानकारी के अनुसार, हाल के वर्षों में ल्हासा सीमा-शुल्क विभाग ने उद्यमों की आवश्यकताओं को केंद्र में रखते हुए व्यापार सुविधा बढ़ाने के लिए कई उपाय लागू किए हैं। घोषणा प्रक्रिया में “स्मार्ट सहायता घोषणा” मॉड्यूल लागू कर उद्यमों की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में “एक चालान, कई वाहन” प्रणाली के साथ “स्थलीय बंदरगाह घोषणा, स्थानीय निरीक्षण, तथा सीमा-द्वार पर निर्बाध निकासी” मॉडल को बढ़ावा दिया गया है, जिससे पूरी आपूर्ति श्रृंखला एकीकृत रूप से संचालित की जा रही है। निरीक्षण प्रक्रिया को सूचना प्रौद्योगिकी आधारित बनाकर अधिक सटीक और कुशल बनाया गया है। वर्तमान में, चीन की एक हजार से अधिक कंपनियां शीत्सांग के सीमा-द्वारों के माध्यम से व्यापार कर रही हैं।

साथ ही, शिगात्से शहर को राष्ट्रीय सीमा-पार व्यापार सुविधा सुधार विशेष कार्यवाही पायलट शहरों की सूची में शामिल किए जाने के बाद नीतिगत प्रभाव धीरे-धीरे स्पष्ट हो रहे हैं। पहले पाँच महीनों में शीत्सांग स्वायत्त प्रदेश में आयात-निर्यात गतिविधियों वाले विदेशी व्यापार उद्यमों की संख्या 160 तक पहुंच गई, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 22 अधिक है।