एक कप कॉफी में निहित“जनसेवा”की अवधारणा
सुबह की हल्की धूप चीन के युन्नान प्रांत के मंगलियन काउंटी शहर की एक कैफे की खिड़कियों से भीतर उतर रही थी। काउंटर के पीछे वा समुदाय की एक युवती चाओ हुआ बड़े ध्यान से हाथ से बनी कॉफी तैयार कर रही थीं।
चाओ हुआ के माता-पिता इस क्षेत्र के शुरुआती कॉफी उत्पादकों में शामिल हैं। वह बताती है, “मेरे पिता ने पूरी जिंदगी कॉफी की खेती की, लेकिन उन्होंने कभी खुद इसे चखकर नहीं देखा। उन्हें यह भी नहीं पता था कि ये कड़वे कॉफी दाने आखिर कहाँ जाते हैं, बस इतना जानते थे कि कोई आकर इन्हें खरीद लेता है और इसके बदले में पैसे मिल जाते हैं।”

आज चाओ हुआ का कैफे मंगलियन की विशेष कॉफी गली के सबसे लोकप्रिय प्रतिष्ठानों में से एक बन चुका है। उनके द्वारा बनाए गए शॉर्ट वीडियो ने इस सीमांत छोटे शहर और इसकी कॉफी को व्यापक पहचान दिलाई है। कॉफी के दाने अब आपूर्तिकर्ताओं के माध्यम से जापान, ऑस्ट्रेलिया सहित कई देशों में निर्यात किए जा रहे हैं। वह मुस्कराते हुए कहती हैं,“अब स्थिति बदल गई है। हमारी पीढ़ी ने ही पहली बार कॉफी की असली मिठास को महसूस किया है।”
“कड़वे कॉफी दानों” से लेकर “एक कप मीठी कॉफी” तक का यह परिवर्तन केवल स्वाद का नहीं, बल्कि एक सीमांत शहर की किस्मत के बदलाव का प्रतीक है।
मंगलियन, जिसका ताइ भाषा में अर्थ है “खोजा गया अच्छा स्थान”, दक्षिण-पश्चिमी सीमांत का एक छोटा शहर है, जिसकी कॉफी से यात्रा 1958 में शुरू हुई और बड़े पैमाने पर विकास 1980 के दशक में आरंभ हुआ। काउंटी के चाय एवं विशिष्ट जैविक उद्योग विकास केंद्र की पार्टी सचिव एवं निदेशक ली मेइयिंग आज भी अपने बचपन को याद करती हैं, जब स्कूल जाते समय अधिकारी और स्थानीय लोग खेतों में मिलकर काम करते थे। सीढ़ीनुमा खेतों को एक-एक कुदाल से आकार दिया गया और एक-एक कॉफी पौधा रोपा गया। आज स्थिति यह है कि दूर-दूर तक फैले पहाड़ों पर सिर्फ कॉफी के बागान नजर आते हैं।

अप्रैल 2023 में जब मंगलियन कॉफी स्पेशलिटी स्ट्रीट की शुरुआत हुई थी, तब कॉफी उत्पादकों और दुकानदारों के मन में भविष्य को लेकर अनिश्चितता थी। उस समय ली मेइयिंग और उनके सहकर्मी कार्यालय समय के बाद स्वयं दुकानों की देखभाल और आगंतुकों के स्वागत में सहयोग करते थे। शुरुआती दौर में कारोबार अपेक्षाकृत धीमा था, ऐसे में चाओ हुआ और उनकी बहन ने अपनी दुकान की चाबी ली मेइयिंग को सौंपते हुए कहा, “चाबी आपको सौंपते हैं, हमें भरोसा है।” यह चाबी ली मेइयिंग आज भी अपने पास रखे हुए हैं।
इसके बाद चाओ हुआ और उनकी बहन ने पहाड़ी क्षेत्र में एक जलाशय के पास एक कॉफी हाउस शुरू किया। जब यह व्यवसाय भी प्रारंभिक चरण में था, तब ली मेइयिंग और उनके सहयोगी वहाँ भी नियमित रूप से सहायता के लिए पहुँचते रहे। चाओ हुआ याद करते हुए कहती हैं,“उन महीनों में सरकारी अधिकारी प्रतिदिन समन्वय कार्य में लगे रहते थे। सड़क निर्माण और बिजली–पानी की पाइपलाइन बिछाने जैसे बड़े कार्यों से लेकर एक-एक ईंट और निर्माण के छोटे-छोटे पहलुओं तक, हर स्तर पर सरकारी कर्मचारियों ने हमें शुरुआत से निर्माण कार्य में हाथ पकड़कर मार्गदर्शन दिया।”
आज चाओ हुआ का कॉफी व्यवसाय स्थिर रूप से आगे बढ़ रहा है। उनके कॉफी फार्म में 20 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं। इनमें कई वा समुदाय की महिलाएँ शामिल हैं, जिन्होंने दशकों तक कॉफी की खेती की है और जिनमें से अधिकांश ने अपने जीवन में बहुत कम ही बाहर की यात्राएँ की हैं। पिछले वर्ष चाओ हुआ उन्हें शांगरी-ला, लिजियांग और दाली ले गईं, जहाँ वे सभी अत्यंत उत्साहित और प्रसन्न थीं।

यदि चाओ हुआ को उत्पादन यानी खेती के क्षेत्र से बाजार की ओर बढ़ने वाली उद्यमी कहा जाए, तो मंगलियन के निवासी कुआन योंग ने बाजार से वापस खेती की दिशा में कदम बढ़ाया है। उन्होंने बाजार को आधार बनाकर यह तय करने की कोशिश की कि भूमि में क्या उगाया जाए और किस प्रकार का स्वाद विकसित किया जाए। खुनमिंग में काम के दौरान पहली बार ताज़ा पिसी हुई विशेष कॉफी का स्वाद लेने के बाद वे वर्ष 2017 में अपने गाँव लौट आए और उन्होंने एक विपरीत उद्यमशीलता मार्ग अपनाया—पहले कॉफी दुकान खोली, फिर भूनने की फैक्ट्री स्थापित की, उसके बाद प्रारंभिक प्रसंस्करण का कार्य शुरू किया और अंततः कॉफी की खेती तक अपने व्यवसाय का विस्तार किया।
प्रसंस्करण स्थल की तलाश के दौरान, कुआन योंग को पहाड़ों में कई वर्षों से बंद पड़ी एक ग्रामीण प्राथमिक विद्यालय मिली। इसके पुनर्निर्माण के साथ ही विद्यालय परिसर का स्वरूप पूरी तरह बदल गया। जहाँ पहले बास्केटबॉल कोर्ट था, वह अब कॉफी सुखाने का स्थल बन गया; कक्षाएँ प्रसंस्करण कार्यशालाओं में बदल गईं और स्कूल भवन को एक रिसॉर्ट के रूप में विकसित किया गया। इस पूरी प्रक्रिया में ली मेइयिंग और उनके सहयोगियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जल आपूर्ति, विद्युत कनेक्शन और सड़क संपर्क जैसी बुनियादी सुविधाओं से लेकर संचार नेटवर्क स्थापित करने तक, पहाड़ी मार्गों के निर्माण और इंटरनेट कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने में प्रशासनिक सहयोग लगातार मिलता रहा।
बुनियादी ढाँचे के विकास से लेकर तकनीकी प्रशिक्षण, परियोजना निधि और बाजार से जुड़ाव तक, स्थानीय सरकार की सेवाएँ और सहायता कुआन योंग के पूरे उद्यमी सफर के साथ निरंतर बनी रहीं। कुआन योंग का कहना है, “जब हम विकास की शुरुआत में होते हैं तो सरकार हमें सहारा देती है, और जब हम आगे बढ़ते हैं तो हम भी अपने गाँव को वापस योगदान दे सकते हैं।” उनके कॉफी बागान ने 2022–2023 फसल मौसम के दौरान ताज़ा कॉफी चेरी के भुगतान के रूप में 65 लाख युआन वितरित किए, जिससे 86 परिवारों के 286 लोगों की आय में वृद्धि हुई। प्रति परिवार औसत आय वृद्धि 75,600 युआन रही।