“कुश्ती के शौकीन” खेल शिक्षक ने संभाली गाँव के प्रथम सचिव की जिम्मेदारी

वसंत ऋतु के आगमन के साथ ही मार्च महीने में पेइचिंग के मिउन जिले का तुंगशाओछ्यू गांव प्रकृति की मनोहारी छटा से भर उठता है। चारों ओर पर्वतों से घिरे इस गांव की ढलानों पर आड़ू के गुलाबी और खुबानी के सफेद फूल रंग बिखेरते दिखाई देते हैं। सुबह की ताज़ी हवा में मिट्टी और पेड़-पौधों की सोंधी सुगंध के साथ फूलों की हल्की महक घुली रहती है।

गांव के मध्य स्थित चौड़ी और समतल सड़क के किनारे से ली छ्वानशंग अपने छोटे से बैग के साथ ग्राम समिति कार्यालय से निकलते हैं और समय पर तुंगशाओछ्यू केंद्रीय प्राथमिक विद्यालय के बच्चों को “च्याओती” (प्राचीन चीनी कुश्ती) का पाठ पढ़ाने पहुंचते हैं। च्याओती सालों से चली आ रही एक पारंपरिक कुश्ती कला है, जिसका इतिहास अत्यंत प्राचीन है और जिसका स्वरूप आधुनिक कुश्ती से काफी मिलता-जुलता है।

जनवरी 2024 में पेइचिंग विदेशी भाषा विश्वविद्यालय (BFSU) के शारीरिक शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग के निदेशक ली छ्वानशंग को पेइचिंग नगर द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में नियुक्त सातवें चरण के प्रथम सचिवों के दल में चयनित किया गया। इसके बाद उन्होंने तुंगशाओछ्यू गांव में दो वर्ष के कार्यकाल के लिए नियुक्त होकर ग्रामीण विकास और पुनरुत्थान को बढ़ावा देने का दायित्व संभाला।

ग्रामीण विद्यालय में शिक्षा के माध्यम से सहयोग और प्रोत्साहन के प्रयास अब धीरे-धीरे फल देने लगे हैं। ली छ्वानशंग कहते हैं, “मुझे लगता है कि मैं बहुत खुश हूँ ।” बच्चों के साथ बिताए गए समय को याद करते हुए वे मुस्कुराकर कहते हैं, “ग्रामीण बच्चों की आंखें झरने के पानी और “मिउन” के आकाश की तरह स्वच्छ और निर्मल हैं, जो अत्यंत सरल और निष्कपट हैं।”

ली छ्वानशंग के अनुसार, यहां के प्रत्येक बच्चे के मन में अपने पसंदीदा विश्वविद्यालय में प्रवेश पाने का सपना है। वे मुस्कुराते हुए कहते हैं, “यदि तुम पेइचिंग विदेशी भाषा विश्वविद्यालय में प्रवेश लोगे, तो वहां केवल विदेशी भाषाएं ही नहीं सीखोगे, बल्कि शिक्षक ली से कुश्ती भी सीख सकोगे।”